sn vyas
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#श्री गणेशाय नमः
लभन्ते ब्रह्मनिर्वाणमृषयः क्षीणकल्मषाः,।
छिन्नद्वैधा यतात्मानः सर्वभूतहिते रताः।।
भावार्थ :- जिनके सब कष्ट एवं पाप नष्ट हो गए हैं, जिनके सब संशय ज्ञान द्वारा निवृत्त हो गए हैं, जो सम्पूर्ण प्राणियों के हित में लीन हैं और जिनका जीता हुआ मन निश्चल भाव से परमात्मा में स्थित है, वे ब्रह्मवेत्ता मनुष्य ब्रह्म को प्राप्त होते हैं।
🙏🌹जय श्री गणेश 🌹🙏
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