नवरात्रि शुभकामनाएं
माँ स्कन्दमाता: भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इस पांचवें स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। यह कमल के आसन पर विराजमान हैं, इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी कहा जाता है। इनका वाहन भी सिंह है। इन्हें कल्याणकारी शक्ति की अधिष्ठात्री कहा जाता है। यह दोनों हाथों में कमलदल लिए हुए और एक हाथ से अपनी गोद में ब्रह्मस्वरूप सनतकुमार को थामे हुए हैं। उपासना मंत्र: सिंहासानगता नितयं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।। - श्याम सुंदर दाधीच,कुचेरा मेड़ता सिटी जिलाध्यक्ष, राजस्थान पत्रकार परिषद् नागौर #नवरात्रि शुभकामनाएं
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नवरात्रि शुभकामनाएं

नवरात्रि शुभकामनाएं - जय माँ स्कन्दमाता पाहा MARA - ShareChat
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