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✍ *आज का ज्ञान-262* ✍ *हिन्दी साहित्य के वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर* 1. ‘अतीत के चलचित्र’ के रचयिता कौन हैं? – महादेवी वर्मा 2. ‘अशोक के फूल’ (निबंध सग्रह) के रचनाकार कौन हैं? – हज़ारी प्रसाद द्विवेदी 3. ‘अष्टछाप’ के सर्वश्रेष्ठ भक्त कवि कौन हैं? – सूरदास 4. ‘आँसू’ (काव्य) के रचयिता कौन हैं? – जयशंकर प्रसाद 5. ‘एक नार पिया को भानी। तन वाको सगरा ज्यों पानी।’ यह पंक्ति किस भाषा की है? – ब्रजभाषा 6. ‘कामायनी’ किस प्रकार का ग्रंथ है? – महाकाव्य 7. ‘गागर में सागर’ भरने का कार्य किस कवि ने किया है? – बिहारीलाल 8. ‘गाथा’ (गाहा) कहने से किस लोक प्रचलित काव्यभाषा का बोध होता है? – प्राकृत 9. ‘घनिष्ठ’ की शुद्ध उत्तरावस्था क्या है? – घनिष्ठतर 10. ‘चारु’ शब्द की शुद्ध भावात्मक संज्ञा क्या है? – चारुता 11. ‘चिंतामणि’ के रचयिता कौन हैं? – रामचन्द्र शुक्ल 12. ‘जो अपनी जान खपाते हैं, उनका हक उन लोगों से ज़्यादा है, जो केवल रुपया लगाते हैं।’ यह कथन ‘गोदान’ के किस पात्र द्वारा कहा गया है? – महतो 13. ‘जो जिण सासण भाषियउ सो मई कहियउ सारु। जो पालइ सइ भाउ करि सो तरि पावइ पारु॥’ इस दोहे के रचनाकार का नाम क्या है? – देवसेन 14. ‘झरना’ (काव्य संग्रह) के रचयिता कौन हैं? – जयशंकर प्रसाद 15. ‘दुरित, दुःख, दैन्य न थे जब ज्ञात, अपरिचित जरा-मरण-भ्रू पात।।’ इस पंक्ति के रचनाकार कौन हैं? – सुमित्रानंदन पंत 16. ‘देखन जौ पाऊँ तौ पठाऊँ जमलोक हाथ, दूजौ न लगाऊँ, वार करौ एक करको।’ ये पंक्तियाँ किस कवि द्वारा सृजित हैं? – नाभादास 17. ‘दोहाकोश’ के रचयिता कौन हैं? – सरहपा 18. ‘नमक का दरोगा’ कहानी के लेखक कौन हैं? – प्रेमचंद 19. ‘नागनंदा’ नामक संस्कृतनटक की रचना किस शासक ने की? – हर्षवर्धन ने 20. ‘नाट्यशास्त्र’ की रचना किसने की? – भरत मुनि 21. ‘निराला के राम तुलसीदास के राम से भिन्न और भवभूति के राम के निकट हैं।’ यह कथन किस हिन्दी आलोचक का है? – डॉ. रामविलास शर्मा 22. ‘निरुत्तर’ शब्द का शुद्ध सन्धि विच्छेद क्या है? – निः+उत्तर 23. ‘निशा -निमंत्रण’ के रचनाकार कौन हैं? – हरिवंश राय बच्चन 24. ‘पंचवटी’ कौन-सा समास है? – द्विगु 25. ‘पद्मावत’ किसकी रचना है? – मलिक मुहम्मद जायसी 26. ‘परहित सरिस धर्म नहि भाई, परपीड़ा सम नहिं अधमाई’। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं? – तुलसीदास 27. ‘पल्लव’ के रचयिता कौन हैं? – सुमित्रानंदन पंत 28. ‘पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप।’ यह कथन ‘स्कन्दगुप्त’ नाटक के किस पात्र का है? – देवसेना 29. ‘प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है।’ यह कथन किसका है? – नन्द दुलारे बाजपेयी 30. ‘प्रभातफेरी’ काव्य के रचनाकार कौन हैं? – नरेन्द्र शर्मा 31. ‘प्रिय दर्शिका’ नामक संस्कृत ग्रंथ की रचना किस शासक ने की? – हर्षवर्धन ने 32. ‘प्रेमसागर’ के रचनाकार कौन हैं? – लल्लू लालजी 33. ‘बाँगरू’ बोली का किस बोली से निकट सम्बन्ध है? – खड़ीबोली 34. ‘बैताल पच्चीसी’ के रचनाकार कौन हैं? – सूरति मिश्र 35. ‘भक्तमाल” भक्तिकाल के कवियों की प्राथमिक जानकारी देता है, इसके रचयिता कौन थे? – नाभादास 36. ‘भरहूत स्तूप’ का निर्माण किसने कराया? – पुष्यमित्र शुंग ने 37. ‘भारत भारती’ (काव्य) के रचनाकार कौन हैं? – मैथिलीशरण गुप्त 38. ‘मनुष्य के आचरण के प्रवर्तक भाव या मनोविकार ही होते हैं, बुद्धि नहीं।’ यह कथन किसका है? – रामचन्द्र शुक्ल का 39. ‘रस मीमांसा’ रस-सिद्धांत से सम्बन्धित पुस्तक है, इस पुस्तक के लेखक कौन हैं? – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल 40. ‘रानी केतकी की कहानी’ की भाषा को क्या कहा जाता है? – खड़ीबोली 41. ‘रामचरितमानस’ में कितने काण्ड हैं? – 7 42. ‘रामचरितमानस’ में प्रधान रस के रूप में किस रस को मान्यता मिली है? – भक्ति रस 43. ‘लहरें व्योम चूमती उठती। चपलाएँ असंख्य नचती।’ पंक्ति जयशंकर प्रसाद के किस रचना का अंश है? – कामायनी 44. ‘शिवा बावनी’ के रचनाकार कौन हैं? – भूषण 45. ‘संस्कृति के चार अध्याय’ किसकी रचना है? – रामधारी सिंह ‘दिनकर’ 46. ‘साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप’। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं? – कबीर 47. ‘सुन्दर परम किसोर बयक्रम चंचल नयन बिसाल। कर मुरली सिर मोरपंख पीतांबर उर बनमाल॥ ये पंक्तियाँ किस रचनाकार की हैं? – सूरदास 48. ‘सुहाग के नूपुर’ के रचयिता कौन हैं? – अमृतलाल नागर 49. ‘हरिश्चन्द्री हिन्दी’ शब्द का प्रयोग किस इतिहासकार ने अपने इतिहास ग्रंथ में किया है? – रामचन्द्र शुक्ल 50. ‘हितोपदेश’ की रचना किसने की? – नारायण पंडित 51. ‘हिन्दी साहित्य का अतीत: भाग- एक’ के लेखक का क्या नाम है? – डॉ. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र 52. ‘कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय’ में कौन-सा अलंकार है? – यमक 53. ‘पृथ्वीराज रासो’ के रचनाकार कौन हैं? – चन्दबरदाई 54. अंकोरवाट कहाँ स्थित है? – कंबोडिया *KARAN KUMAR VERMA phone:+919598732506
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विलोम शब्द 1. अमृत- विष 2. अथ- इति 3. अन्धकार- प्रकाश 4. अल्पायु- दीर्घायु 5. अनुराग- विराग 6. अनुज- अग्रज 7. अधिक- न्यून 8. अर्थ- अनर्थ 9. अतिवृष्टि- अनावृष्टि 10. अनुपस्थिति- उपस्थिति 11. अज्ञान- ज्ञान 12. अनुकूल- प्रतिकूल 13. अभिज्ञ- अनभिज्ञ 14. अल्प- अधिक 15. अनिवार्य- वैकल्पिक 16. अगम- सुगम 17. अभिमान- नम्रता 18. अनुग्रह- विग्रह 19. अपमान- सम्मान 20. अरुचि- रुचि 21. अर्वाचीन- प्राचीन 22. अवनति- उन्नति 23. अवनी- अंबर 24. अच्छा- बुरा 25. अच्छाई- बुराई 26. अमीर- ग़रीब 27. अंधेरा- उजाला 28. अर्जित- अनर्जित 29. अंत- प्रारंभ 30. अंतिम- प्रारंभिक 31. अनजान- जाना-पहचाना 32. आदि- अंत 33. आगामी- गत 34. आग्रह- दुराग्रह 35. आकर्षण- विकर्षण 36. आदान- प्रदान 37. आलस्य- स्फूर्ति 38. आदर्श- यथार्थ 39. आय- व्यय 40. आहार- निराहार 41. आविर्भाव- तिरोभाव 42. आमिष- निरामिष 43. आर्द्र- शुष्क 44. आज़ादी- ग़ुलामी 45. आकाश- पाताल 46. आशा- निराशा 47. आश्रित- निराश्रित 48. आरंभ- अंत 49. आदर- अनादर 50. आयात- निर्यात 51. आर्य- अनार्य 52. आदि- अनादि 53. आस्तिक- नास्तिक 54. आवश्यक- अनावश्यक 55. आनंद- शोक 56. आधुनिक- प्राचीन 57. आना- जाना 58. आलस्य- फुर्ती 59. आध्यात्मिक- भौतिक 60. इच्छा- अनिच्छा 61. इष्ट- अनिष्ट 62. इच्छित- अनिच्छित 63. इहलोक- परलोक 64. उत्कर्ष- अपकर्ष 65. उत्थान- पतन 66. उद्यमी- आलसी 67. उर्वर- ऊसर 68. उधार- नक़द 69. उपस्थित- अनुपस्थित 70. उत्कृष्ट- निकृष्ट 71. उपजाऊ- बंजर 72. उदय- अस्त 73. उपकार- अपकार 74. उदार- अनुदार 75. उत्तीर्ण- अनुत्तीर्ण 76. उत्तर- दक्षिण 77. ऊंचा- नीचा 78. उन्नति- अवनति 79. उचित- अनुचित 80. उत्तरार्द्ध- पूर्वार्द्ध 81. एकता- अनेकता 82. एक- अनेक 83. ऐसा- वैसा 84. औपचारिक- अनौपचारिक 85. कृतज्ञ- कृतघ्न 86. क्रय- विक्रय 87. कमाना- खर्च करना 88. क्रूर- दयालु 89. कच्चा- पक्का 90. कटु- मधुर 91. क्रिया- प्रतिक्रिया 92. कड़वा- मीठा 93. क्रुद्ध- शान्त 94. कर्म- निष्कर्म 95. कठिनाई- सरलता 96. कभी-कभी- अक्सर 97. कठिन- सरल 98. केंद्रित- विकेंद्रित 99. क़रीबी- दूर के 100. कम- अधिक 101. खेद- प्रसन्नता 102. खिलना- मुरझाना 103. खुशी- दु:ख 104. ख़रीददार- विक्रेता 105. ख़रीद- बिक्री 106. ख़रीदना- बेचना 107. गर्म- ठंडा 108. गन्दा- साफ़ 109. गहरा- उथला 110. ग़रीब- अमीर 111. गुण- दोष, अवगुण 112. ग़लत- सही 113. घ 114. घृणा- प्रेम 115. घात- प्रतिघात 116. घर- बाहर 117. घाटा- फ़ायदा 118. चर- अचर 119. चौड़ी- संकरी, तंग 120. छोटा- बड़ा 121. छूत- अछूत 122. जन्म- मृत्यु 123. जल्दी- देरी 124. जीवन- मरण 125. जल- थल 126. जड़- चेतन 127. जटिल- सरस 128. झूठ- सच 129. ठोस- तरल 130. डरपोक- निड़र 131. तुच्छ- महान 132. तकलीफ़- आराम 133. तपन- ठंडक 134. दुर्लभ- सुलभ 135. दाता- याचक 136. दिन- रात 137. देव- दानव 138. दुराचारी- सदाचारी 139. दयालु- निर्दयी 140. देशी- परदेशी 141. धीरे- तेज़ 142. धनी- ग़रीब, निर्धन 143. धर्म- अधर्म 144. धूप- छाँव 145. धीर- अधीर 146. न्याय- अन्याय 147. निजी- सार्वजनिक 148. नक़द- उधार 149. नियमित- अनियमित 150. निश्चित- अनिश्चित 151. निरक्षर- साक्षर 152. नूतन- पुरातन 153. निंदा- स्तुति 154. निर्दोष- र्दोष 155. नीचा- ऊंचा 156. नकली- असली 157. निर्माण- विनाश 158. निकट- दूर 159. प्यार- घृणा 160. प्रत्यक्ष- परोक्ष 161. पतला- मोटा 162. पाप- पुण्य 163. पतिव्रता- कुलटा 164. प्रलय- सृष्टि 165. पवित्र- अपवित्र 166. प्रश्न- उत्तर 167. पूर्ण- अपूर्ण 168. प्रेम- घृणा 169. परतंत्र- स्वतंत्र 170. प्राचीन- नवीन / नया 171. पक्ष- निष्पक्ष 172. प्राकृतिक- अप्राकृतिक 173. प्रसन्न- अप्रसन्न 174. प्रभावित- अप्रभावित 175. पोषण- कुपोषण 176. परिचित- अपरिचित 177. प्रवेश- निकास 178. पदोन्नति- पदावनति 179. प्रतिकूल- अनुकूल 180. प्रारंभ- अंत 181. पसंद- नापसंद 182. बंधन- मुक्ति 183. बुद्धिमता- मूर्खता 184. बासी- ताजा 185. बाढ़- सूखा 186. बुराई- भलाई 187. भूलना- याद रना 188. भाव- अभाव 189. मूक- वाचाल 190. मितव्यय- अपव्यय 191. मोक्ष- बंधन 192. मौखिक- लिखित 193. मानवता- दानवता 194. महात्मा- दुरात्मा 195. मान- अपमान 196. मधुर- कटु 197. मित्र- शत्रु 198. मिथ्या- सत्य 199. मंगल- अमंगल 200. महंगा- सस्ता 201. मेहनती- आलसी / कामचोर 202. मृत्यु- जन्म 203. मंजूर- नामंजूर 204. मुमकिन- नामुमकिन 205. अनुग्रह- विग्रह, कोप 206. सन्धि विग्रह, विच्छेद 207. विग्रह -समास 208. समास -व्यास 209. आकाश - पाताल 210. अवनि -अम्बर 211. गगन -धरती 212. अंधेरा -उजाला 213. तिमिर -आलोक, प्रकाश 214. आलोक- अंधकार 215. अंधकार -प्रकाश 216. ज्योति -तम 217. अज्ञ -विज्ञ, प्रज्ञ 218. अभिज्ञ- अनभिज्ञ 219. अल्पज्ञ -सर्वज्ञ, बहुज्ञ 220. विज्ञ -अज्ञ 221. न्यून -अधिक 222. अति -अल्प 223. अल्प -बहु 224. लघु -दीर्घ 225. दीर्घ -ह्रस्व 226. ह्रस्व -दीर्घ 227. विकास- ह्रास 228. ह्रास -वृद्धि 229. वृद्धि -संक्षेपण 230. पल्लवन- संक्षेपण 231. सूक्ष्म -स्थूल 232. गुरु -लघु 233. अधम- उत्तम 234. महान -तुच्छ 235. क्षुद्र -विराट 236. विराट- लघु 237. लघु -दीर्घ 238. दीर्घ -ह्रस्व 239. क्षीण -पुष्ट 240. अल्पायु- दीर्घायु 241. स्वल्पायु -चिरायु 242. चिरंतन -नश्वर 243. नश्वर -शाश्वत 244. शास्वत- क्षणिक 245. कुटिल -सहज, सरल 246. सरल -जटिल, कुटिल, वक्र 247. जटिल -सरल 248. उग्र -सौम्य 249. भीषण- सौम्य 250. सरस -नीरस 251. रसिक -नीरस 252. मसृण -रुक्ष 253. रुक्ष -मृदु, मसृण 254. मृदुल -कठोर 255. कठोर -कोमल 256. कर्कश -मधुर 257. मधुर -कटु 258. सौम्य -उग्र 259. कड़वा -मीठा 260. खट्टा -मीठा 261. कडा -मुलायम 262. उद्धत -विनीत 263. विनीत -दुर्विनीत, उद्दंड, उद्धत 264. धृष्ट -विनम्र 265. मौन -मुखर 266. मूक -वाचाल 267. आकुंचन -प्रसारण 268. प्रसारण -संकुचन 269. विस्तार -संक्षेप 270. विस्तृत -संक्षिप्त 271. संकीर्ण -विस्तीर्ण 272. एकत्र -सर्वत्र 273. आकीर्ण- विकीर्ण 274. संयुक्त -वियुक्त 275. फैलना -सिकुड़ना 276. आयोजन- वियोजन 277. वियोजन -संयोजन 278. वियोग -संयोग 279. अगाध -छिछला 280. गहरा -उथला 281. राग -विराग 282. विराग- अनुराग 283. अनुराग- विराग 284. अनुरक्त -विरक्त 285. अनुरक्ति -विरक्ति 286. विरक्त -अनुरक्त, आसक्त 287. आसक्त -उदासीन, अनासक्त 288. रत -विरत 289. विरत- निरत 290. शेष -अशेष 291. अवशेष -निःशेष 292. उन्मूलन -रोपण 293. उन्मीलन -निमीलन 294. अनिवार्य -ऐच्छिक 295. ऐच्छिक -अनैच्छिक 296. अगम -सुगम 297. दुर्गम -सुगम 298. उत्पत्ति -विनाश 299. उत्थान -पतन 300. उत्कर्ष -अपकर्ष 301. वैभव -पराभव 302. विभव -पराभव 303. उद्भव -पराभव, अवसान 304. आविर्भाव -तिरोभाव 305. ऊर्ध्व -अधः 306. उपरि -अधः 307. वेदना -आनंद 308. आंनद -शोक 309. शोक -हर्ष 310. हर्ष -विषाद 311. खेद -प्रसन्नता 312. सुख -दुःख 313. खीजना -रीझना 314. मग्न -दुखी 315. उल्लास -अवसाद 316. उपमान -उपमेय 317. उपमा -व्यतिरेक 318. आदर -निरादर 319. अपमान- सम्मान 320. आदरणीय -अनादरणीय 321. विदाई -स्वागत 322. स्वागत -तिरस्कार 323. सत्कार- तिरस्कार 324. पुरस्कार -तिरस्कार 325. परितोष -दंड 326. दंड -पुरस्कार 327. पुरस्कार -तिरस्कार 328. आचार -अनाचार 329. कदाचार- सदाचार 330. सदाचार -दुराचार 331. गत -आगत 332. आगत -अनागत 333. गमन -आगमन 334. निर्गमन- आगमन 335. आगमन -प्रस्थान KARAN KUMAR VERMA phone:+91 95 98 732506
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500 अनेकार्थी शब्द के उदाहरण सूची निम्न है– अंबर – बादल, वस्त्र, कपास, अभ्रक, आकाश। अंक – अध्याय, चिन्ह, गोद, संस्करण, आलिंगन। अन्तर – अन्तःकरण, अवसर, भिन्नता, छिद्र, आकाश, अवधि। अंग – अंश, देह, पार्श्व, सहायक, अवयव। अंबक – पिता, आँख, ताँबा। अंब – माता, दुर्गा, आम का वृक्ष। अर्य – अभिप्राय, धन, ऐश्वर्य, प्रयोजन। अधर – तुच्छ, ओठ, अन्तरिक्ष। अतिथि – अपरिचित, मेहमान, अग्नि, संन्यासी। अमृत – सेना, अन्न, जल, मुक्ति, मृत्युरहित, सुधा, पारा, घी। अब्ज – कपूर, कमल, अरब की संख्या, चन्द्रमा। अक्ष – आँख, सर्प, तराजू की डण्डी, गाड़ी, चौसर का पासा, इन्द्रिय, धुरी। अहि – पृथ्वी, साँप, दुष्ट, सूर्य, राहु, वृत्रासुर। अरब – सौ करोड़, इन्द्र, घोड़ा। अनंत – शेषनाग, आकाश, विष्णु, असीम। अवि – मेष, बकरी, सूर्य, पहाड़, पर्वत, आक। अपवाद – किसी नियम के विपरीत, कलंक। अजया – बकरी, भाँग। अक्षर – नाशरहित, जल, वर्ण, मोक्ष, धर्म, सत्य, विष्णु, गगन, तपस्या, शिव। अशिर – सूर्य, हीरा, राक्षस, अग्नि। अल – बिच्छू का डंक, शक्ति, विष, भूषण, निरर्थक। आँख – नेत्र, मोरपंख, दृष्टि, सन्तान, विधेक। आँक – अंश, मदार, गोद, अंक, लकीर, चिन्ह। आराम – विश्राम, रोग दूर होना, वाटिका। आत्मज – कामदेव, पुत्र। आसुग – मन, वायु, बाण। आदित्य – वामन, सूर्य, मदार, इन्द्र, बसु, देवता। अलि – भ्रमरी, बाँध, सखी, सेतु, पंक्ति, बिच्छू। उरु – श्रेष्ठ, विशाल, जाँघ। उत्तर – जवाब, उत्तर दिशा। उरगाशन – मोर, गरुड़। उपस्कर – फर्नीचर, अलंकार। ऊर्मि – पीड़ा, लहर। ऋभुक्ष – स्वर्ग, वज्र, इन्द्र। ऐन – उपयुक्त, कस्तूरी, पूर्ण, घर, आँख। ओस – गोद, धरोहर, जिमीकंद, बहाना, गीला, शरण। कंठ – किनार, स्वर, गला, कंठा। कंपति – भयभीत, चंचल, समुद्र। कंज – अमृत, कमल, सिर के बाल, ब्रह्मा। कंदल – सोना, कलह, कोपल। कंट – रोमांच, काँटा, कवच, विघ्न। कर – सूर्य या चन्द्र की किरण, ओला, हाथी की सूँड, महसूल, हाथ, छल। कनक – गेहूँ, धतूरा, सोना, नागकेसर, पलास, खजूर। कलि – शिव, युद्ध, एक, दुःख, वीर, विवाद, युग, पाप। कक्ष – श्रेणी, कमरा, सूखी घास, कांख, कमरबन्द, जंगल, काँस, कंछोटा। कशिपु – कपड़ा, तकिया, अन्न, प्रहलाद के पिता, आसन, बिछौना, भात। खर – तीक्ष्ण, तिनका, गधा। खचर – पक्षी, ग्रह, देवता। गण – मनुष्य, तीन वर्णों का समूह (छन्द शास्त्र), भूत-प्रेत। गति – हाल, चाल, मोक्ष, दशा। ग्रहण – चन्द्र या सूर्य ग्रहण, लेना, पकड़ा। गुण – विशेषता, स्वभाव, रस्सी, सत तथा तमोगुण, कौशल, लक्षण, हुनर, रज, प्रभाव। गुरु – अध्यापक, छन्द में दीर्घ वर्ण, बृहस्पति, भारी, श्रेष्ठ, बड़ा। गुह – विष्णु, घोड़ा, निषादराज, गुफा। गौ – गाय, माता, वाणी, सरस्वती, दिशा, पृथ्वी, इन्द्रियाँ। घर – कार्यालय, कुल, मकान। घन – हथौड़ा, घना, बादल, भारी। घट – शरीर, हृदय, घड़ा, कम। चर – जासूस, चलने वाला, खंजन, दूत, पक्षी। चला – लक्ष्मी, पृथ्वी, बिजली। चपला – चंचल स्त्री, लक्ष्मी, बिजली। चन्द्र – मोरपंख की चन्द्रिका, चन्द्रमा, कपूर, सोना। चाप – परिधि का एक भाग, दबाव, धनुष। चीर – पट्टी, वस्त्र, चीरना, रेखा। जलज – मछली, कमल, शंख, सिवार, मोती, चन्द्रमा। जड़ – मूर्ख, अचेतन, वृक्ष का मूल। जवान – युवा, योद्धा, सैनिक, वीर। जीवन – प्राण, पुत्र, जल, जिन्दगी, वायु। जोड़ – योग, मेल, गाँठ। तप – धूप, गर्मी, अग्नि, साधना। तरणि – नौका, सूर्य। तत्व – मूल यथार्थ, सार, ब्रह्म, पंचभूत। तनु – छोटा देह, ड्डश। तारा – नक्षत्र, बलि की स्त्री, बृहस्पति की स्त्री, आँखों की पुतली। तात – गुरु, पिता, पूज्य, भाई, मित्र। ताल – ताड़ का वृक्ष, संगीत का संकेत विशेष, तालाब। तीर – समीप, नदी का तट, बाण, किनारा। दर्शन – नेत्र, दर्पण, देखना, दर्शनशास्त्र। दण्ड – डण्डा, सजा। दहर – नरक, छोटा, भाई, छछूँदर, बालक, कुंड, चूहा। दल – पत्ता, समूह, सेना। दाम – धन, मूल्य, रस्सी। दार – सूली, लड़की, पत्नी, दाल। नीरज – मोती, कमल। पत्र – समाचार-पत्र, पत्ता, पृष्ठ, चिट्ठी। पयोधर – तालाब, स्तन, गन्ना, बादल, पर्वत। पक्ष – दो सप्ताह, तरफ, पङ्ख, सहायक। पेय – दूध, जल, अमृत। पतंग – नाव, सूर्य, चंग, गेंद, पक्षी, पतंगा। परिकार – समूह, एक अलंकार, कमरबन्द, चारपाई, परिवार, नौकर-चाकर। पद – शब्द, छन्द का चरण, पैर, चिन्ह, ओहदा, गीत। पट – द्वार, पर्दा, कपड़ा, चित्र का आधार। प्र​कृति – मूलावस्था, स्वभाव, कुदरत। प्रसाद – हर्ष, ड्डपा, नैवेद्य, अनुग्रह। पथ – वायु, सूर्य, जल, अवकाश, मार्ग, अग्नि। पाटी – चारपाई की पट्टी, तख्ती, पंक्ति, बालों की पाटियाँ, रीति। पालि – मेड़, बारी, सीमा, सेना, गोद, किनारा, पंक्ति। पानी – चमक, सम्मान, जल, लज्जा। पिंजर – सोना, पिंजड़ा, पीला, अस्थिपंजर। पिंगल – अग्नि, पीला, एक पक्षी, बन्दर, छन्द, शास्त्र। पुष्कर – आकाश, कमल, पानी, सूर्य, युद्ध, तालाब, शंकर, साँप, बाण, विष्णु। पूर्व – चारों दिशाओं में से एक दिशा का नाम, पहले। फल – शस्त्र का अग्रभाग, परिणाम, मेवा, लाभ। बलि – उपहार, बलिदान, राजा बलि। बारी – उद्यान, एक जाति, कन्या, घर, छोटी अवस्था, क्रमशः। बाल – केश, बालक, बाला, दानेयुक्त डण्ठल। बिम्ब – चन्द्र मण्डल, सूर्य, छाया, बाँबी, घेरा। भव – शंकर, क्षेत्र, उत्पत्ति, कुशल, संसार, जन्म। भाव – मनोविकार, अभिप्राय, दर, विचार, श्रद्धा। भास्कर – शिव, सूरज, सोना, अग्नि। भुवन – चौदह की संख्या, जल, संसार, लोग। भेद – फूट, रहस्य, तात्पर्य, प्रकार, भिन्नता। भोग – नैवेद्य, प्रारब्ध, सुख-दुःख, खाना। मंगल – सुन्दर, सोना, चन्दन। मंथर – रोक, मथानी, मन्द, दूत। मत – वोट, सम्मति, नहीं, धर्म। मद – कस्तूरी, गर्व, मस्ती, नशा, हाथी के मस्तक का स्राव। मधु – चैतमास, बसन्त, शराब, पराग, शहद, ऋतु। माधव – श्रीड्डष्ण, विष्णु, बसन्त ऋतु, बैसाख महीना। रंभा – वैश्या, केला, एक अप्सरा। रस – औषधि का अर्क, सार, जल, आनन्द, स्वाद, साहित्य से उत्पन्न आनन्द, षट्रस, नवरस। रसा – शोरबा, पृथ्वी, जीभ। रक्त – केसर, खून, लाल। रसाल – मीठा, ईख, रसीला, आम। रुक्ष – पेड़, नीरस। राशि – धन, मेघ, समूह राशियाँ (मेष, वृश्चिक, मिथुन, कुम्भ, कर्क आदि)। राग – प्रेम, रंग, लाल, संगीत की ध्वनि। लक्ष्य – निशाना, उद्देश्य। लय – स्वरों की संगीतात्मकता, डूबना, मिलना। लगना – काम में लगे होना, क्रमसे लगना, चोट पहुँचाना, व्यय होना। लाल – पुत्र, एक रंग, माणिक्य, प्यार का सम्बोधन। वंग – कपास, राँगा। वन – वाटिका, पानी, जंगल, भवन। वर – वरदान, दूल्हा, जामाता, श्रेष्ठ, पति। वज्र – कठिन, हीरा, बिजली। वर्ण – भेद, अक्षर, रंग, चतुर्वर्ण्य, रूप। वनराज – वरुण, सिंह। वृति – पेशा, रोजी, स्वभाव, वजीफा। वृत – चरित्र, हाल, गोला, घेरा। वास – गंध, निवास। वार – द्वारा, आक्रमण, दिन, रोक, अवसर। विज्ञ – बुद्धिमान, परिज्ञाता, ज्ञानी, मुनि, विद्वान्। विधि – कानून, नियम, व्यवस्था, युक्ति, भाँति, ब्रह्मा, भाग्य। विषय – सम्पत्ति, भोग-विलास, देश, मजमून, जिसके बारे में कुछ कहा जाए। विहंग – वायु, देवता, पक्षी, विमान, तारा-गण, बादल, चन्द्रमा, वाण, सूर्य। विषम – कठिन, तीव्र, जो सम न हो, एक अर्थालंकार, भयंकर। शरभ – एक मृग, ऊँट, टिड्डी। शर – सरकंडा, बाण। श्यामा – काले रंग की गाय, कोयल, यमुना नदी, स्त्री, राधा, रात। शिखी – पवर्त, अग्नि, मोर। शिव – तीर्थ, शंकर, मंगल, वेद, सदाव्रत, बाँटने का स्थान, खेत। श्री – सम्पत्ति, शोभ, आदरसूचक, शब्द, लक्ष्मी, धन-वैभव, कान्ति, सरस्वती। श्रुति – सुनी हुई बात, कान, वेद, सुनना। सर – तालाब, चिता, बाण। सरि – माला, समता, नदी। सार – जुआ, रस, तत्त्व, पत्नी का भाई, लोहा, उत्तम, तलवार, रक्षा, लाभ, निष्कर्ष, धैर्य, बल। सांरग – सर्प, कमल, फूल, शोभ, मृग, सूर्य, पानी, धनुष, हंस, केश, वस्त्र, स्त्री, बाण, सोना, कपूर, एक राग, कोयल, मोर, काजल, हाथी, दिन, चन्दन। सीता – जनकसुता, हल का फाल। सुधा – पृथ्वी गंगा, दूध, पुष्परस, जल, अर्क, अमृत, मधु। सुवर्ण – अच्छे वर्ण का, सोना। सुरभि – सुगन्धित, बसन्त ऋतु, पृथ्वी, सुन्दर, गौ। सूर – वी, अन्धा, सूर्य, सूरदास। सूत – पौराणिक, बढ़ई, धागा, सारथी। हंस – श्वेत, घोड़ा, मराल, योगी, परमात्मा, सूर्य। हल – खेत जोतने का यन्त्र, समाधान। हरि – सिंह, सूर्य, पति, विष्णु, यम, सर्प, बन्दर, चन्द्र, घोड़ा, कृष्ण
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हिंदी साहित्य के कुछ प्रमुख महत्वपूर्ण तथ्य : परीक्षोपयोगी UGC-NET-JRF रेती के फूल - रामधारी सिंह दिनकर अशोक के फूल - हजारी प्रसाद द्विवेदी कमल के फूल - भवानी प्रसाद मिश्र शिरीष के फूल - हजारी प्रसाद द्विवेदी कागज के फूल - भारत भूषण अग्रवाल जूही के फूल - रामकुमार वर्मा गुलाब के फूल - उषा प्रियवंदा नीम के फूल - गिरिराज किशोर खादी के फूल - हरिवंशरायबच्चन जंगल के फूल - राजेंद्र अवस्थी दुपहरिया के फूल - दुर्गेश नंदिनी डालमिया चिता के फूल - रामवृक्ष बेनीपुरी सेमल के फूल - मारकंडे सुबह के फूल - महीप सिंह रक्त के फूल - योगेश कुमार खादी के गीत - सोहनलाल उसने कहा था - चंद्रधर शर्मा गुलेरी उसने नहीं कहा था - शैलेश मटियानी तुमने कहा था - नागार्जुन मैंने कब कहा - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना तुमने क्यों कहा कि मैं सुंदर हूँ - यशपाल उसकी कहानी - महेंद्र वशिष्ट उसका विद्रोह - मृदुला गर्ग उस रात की गंध - धीरेंद्र अस्थाना नव भक्तमाल - राधाचरण गोस्वामी उत्तरार्द्ध भक्तमाल - भारतेंदु भक्तमाल - नाभा दास भक्त नामावली - ध्रुवदास हिंदी साहित्य की प्रमुख त्रयी- रीतिकालीन कवि त्रयी - केशव, बिहारी, भूषण प्रगतिशील त्रयी - शमशेर बहादुर सिंह, नागार्जुन, त्रिलोचन छायावाद की वृहद त्रयी - जयशंकर प्रसाद(ब्रह्मा), सुमित्रानंदन पंत (विष्णु), सूर्यकांत त्रिपाठी निराला(महेश) छायावाद की लघुत्रयी या वर्मा त्रयी - महादेवी वर्मा, रामकुमार वर्मा, भगवतीचरण वर्मा मिश्रबंधु की वृहदत्रयी - तुलसीदास, सूरदास, देव मिश्र बंधु की मध्य त्रयी - बिहारी, भूषण, केशव मिश्रबंधु की लघुत्रयी – मतिराम, चंद्रवरदाई, हरिश्चंद्र शतक त्रयी – नीतिशतक, श्रंगार शतक, वैराग्य शतक नई कहानी आंदोलन की यशस्वी त्रयी - राजेंद्र यादव, कमलेश्वर, मोहन राकेश भारतीय पत्रकारीता त्रयी - राजेंद्र माथुर, मनोहर श्याम जोशी, अज्ञेय ०त्रयी पुस्तक के लेखक आचार्य जानकी बल्लभ शास्त्री है!! युगधारा - नागार्जुन युगधारा - सोहनलाल द्विवेदी कवि कुल कल्पतरु - चिंतामणि कवि कल्पद्रुम - द्विजदेव कवि कुल कंठाभरण - दूल्ह कविक विकल्पद्रुम कल्पद्रुत् - श्रीपति कल्पनिरुक्त - विनयचंद सूरी एक पत्नी के नोट्स - ममता कालिया एक पति के नोट्स - महेंद्र भल्ला पेरिस के नोट्स - रामकुमार वर्मा एकलव्य के नोट्स - फणीश्वर नाथ रेणु एक कस्बे के नोट्स - निलेश रघुवंशी काव्यलोक - रामदरश मिश्र काव्य विवेक - चिंतामणि काव्यप्रकाश - चिंतामणि काव्य सरोज - श्रीपति काव्य निर्णय - भिखारीदास काव्य कलाधर - रघुनाथ काव्य विलास - प्रताप शाही काव्य विनोद - प्रताप शाही काव्य रसायन - देव शब्द रसायन - देव काव्य सिद्धांत - सुरती मिश्र धूप के धान (काव्य) - गिरिजा कुमार माथुर धूप की उंगलियों के निशान( कथा संग्रह) - महीप सिंह धूप कोठरी के आइने में खड़ी( काव्य) - शमशेर बहादुर सिंह सीढ़ियों पर धूप (काव्य ) - रघुवीर सहाय धूप में जगरूप सुंदर( काव्य) - त्रिलोचन साए में धूप (गजल) - दुष्यंत कुमार धूप के हस्ताक्षर( ग़ज़ल) - ज्ञान प्रकाश विवेक पक गई धूप( काव्य) - रामदरश मिश्र उभरती हुई धूप (उपन्यास) - गोविंद मिश्र टहनियों पर धूप (कहानी ) - मेहरून्निसा परवेज धूप की तलवार (कविता) - केदारनाथ अग्रवाल बाहर धूप खड़ी है - विज्ञान व्रत हवा में हस्ताक्षर - कैलाश बाजपेई श्रंगार निर्णय - भिखारीदास श्रंगार विलाश - सोमनाथ श्रंगार मंजरी - चिंतामणि श्रृंगार मंजरी - प्रताप शाही श्रंगार शिरोमणि - प्रताप साही श्रृंगार मंजरी - यशवंत सिंह श्रृंगार भूषण - बेनी प्रवीन श्रंगार लतिका - द्विज देव श्रृंगार चालीसा - द्विज देव श्रृंगार बत्तीसी - द्विजदेव श्रृंगार लता - सुखदेव श्रृंगार सोरठा - रहीम श्रंगार सागर - मोहनलाल मिश्र श्रंगार रस माधुरी - कृष्णभट्ट देव ऋषि बिहारी और देव - भगवानदीन देव और बिहारी - कृष्ण बिहारी प्राकृत पैंगलम ग्रंथ - लक्ष्मीधर प्राकृत पैंगलम की टीका - वंशीधर भरतेश्वर बाहुबली रास - शालिभद्र सूरि भरतेश्वर बाहुबली घोर रास - ब्रिजसेन सूरी गुनाहो की देवी - याद्वेन्द्र शर्मा गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती फूलों का गुच्छा - भारतेंदु फूलों का कुर्ता - यशपाल हार की जीत - सुदर्शन हार जीत - भगवती प्रसाद बाजपेई शरणदाता, शरणार्थी - स. हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय शरणागत - वृंदावन लाल Jitendrakumar.2016@yahoo
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