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📰 22 જૂનનાં સમાચાર

*सरकार ने पहले 5वीं और 8वीं बोर्ड से हटाई, फिर कहा 9वीं तक फैल मत करो, तो सरकारी स्कूल और ग्रामीण क्षेत्र में मास्टरों ने पढ़ाना ही बंद कर दिया। केवल रिजल्ट बनाकर देने लगे!! भले ही बच्चे को कुछ भी नहीं आए!! गांव के अनपढ़ माता -पिता क्या जाने बेचारे?? उन्होंने सोचा कि हमारा बेटा अच्छे नम्बरों से पास हो रहा है, फिर बच्चा 9वीं में आया तो वहाँ भी पास कर दिया जाता है, इसके बाद 10वीं में आकर फेल होता है तो "रुक जाना नही" योजना चला दी, ताकि यहाँ भी बच्चा फेल न हो और बच्चा कुछ विषय में फेल होता है तो गाँव में माँ-बाप क्या जाने ?? बच्चा घर पर बोलता है कि पिताजी इस बार फिर परीक्षा हो जाएगी और मैं पास हो जाऊंगा, मेरा साल भी खराब नहीं होगा, तो पिताजी सोचते हैं कि बढ़िया है बेटा पास तो हो ही जायेगा!! और अब इस साल बोल रहा है कि एक विषय में फैल ही नहीं या जिस विषय में कम नम्बर हैं उसे माना ही नहीं। फिर क्या गांव के बच्चे और इस बात की खुशी कि अंग्रेजी या गणित में से एक ही विषय पढ़ लेंगे तो काम चल जायेगा !!* *इस तरह प्राथमिक से लेकर हाईस्कूल तक की शिक्षा बर्बाद कर दी फिर आधे से ज्यादा बच्चे तो जैसे-तैसे 12वीं करने की कोशिश में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं, उनसे 12वीं होती ही नहीं जो कुछ कर लेते हैं या "रुक जाना नही" योजना के सहारे निकल जाते हैं वो कॉलेज में आकर धक्के खाते हैं और कुछ बीच में ही पढाई छोड़ कर चले जाते हैं!! और कुछ फ़ाइनल कर लेते हैं तो नौकरियों के लिए भटकते फिरते हैं!! और अंत में उन बूढ़े माँ-बाप का पूरा धन पढ़ाई में लगाकर घर चले जाते हैं!! इसमें बच्चे की गलती नही है क्योंकि उसे बचपन से स्वावलंबी होना सिखाया ही नहीं। उसे बचपन में पढ़ाई के अंक का ज्ञान का महत्व बताया ही नहीं तो उस मिट्टी की नींव पर आप महल बनाओगे तो कैसे बनेगा!! फिर वो बच्चा आज बेरोजगार युवा बन जाता है और वो आत्महत्या करता है या वह गरीब किसान बाप करता है जिसने अपने पूरे जीवन की कमाई उसकी पढ़ाई में झोंक दी उसे क्या पता था कि मैं कच्ची नींव पर महल बनाने के सपने देख रहा हूँ !!* *इसलिए सरकार से निवेदन है कि इन बच्चों को बैशाखियों का सहारा ना दे!! देना है तो आर्थिक मदद दो ताकि हर गरीब का बच्चा पड़ सके!! उससे हुनर में आर्थिक मजबूरियाँ न आयें आपकी छात्रव्रत्ति की योजना 75 प्रतिशत लाने वालों को फ्री शिक्षा ऐसी योजनाओं की हम प्रशंसा करते हैं, लेकिन! ये बच्चों को कमजोर करने वाली योजना मत लाइए !! 5वीं और 8वीं भी बोर्ड होना चाहिये।* *🙏🙏धन्यवाद 🙏🙏* *जो उम्र (अवस्था) पढ़ने की होती है वह है बालावस्था, इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिये यदि आप सहमत हों तो शेयर करें ताकि शासन तक यह बात पहुँचे और आप भी पढ़ें और बच्चों को अच्छा पढ़ाया जावे। #📰 22 જૂનનાં સમાચાર #🌷 ભાજપ #✋ કોંગ્રેસ #📰 23 જૂનનાં સમાચાર #🗞️ ગુજરાતના સમાચાર
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હું આ પોસ્ટની ફરિયાદ કરવા માંગુ છુ, કારણકે આ પોસ્ટ...
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