❌ इंटरनेट बंद ❌
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26 दिन पहले
इंटरनेट शटडाउन से हर घंटे होता है इतने करोड़ का नुकसानहिंसक विरोध प्रदर्शन (Violent Protest) के पहले या बाद में प्रशासन एहतियात के तौर पर इंटरनेट शटडाउन (Internet Shutdown) कर देती है. लेकिन इससे करोड़ों का नुकसान होता है... नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूरे देश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए. इनमें सबसे अहम कदम है इंटरनेट शटडाउन. यानी विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों में इंटरनेट सेवा रोक देना. जब से नागरिकता संशोधन कानून बना है. देशभर के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं रोकी गई हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान अक्सर कई गलत और भ्रामक खबरें फैल जाती हैं. सरकार का मानना है कि ऐसी खबरों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद करना जरूरी है. सबसे ज्यादा अफवाह वॉट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया से फैलती है, जो लोगों को भड़काने का काम करती है. इसलिए ऐसी परिस्थिति में प्रभावित इलाके में इंटरनेट सेवाएं रोकना जरूरी होता है. इंटरनेट सेवाएं रोकने से इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी से लेकर सरकार तक को आर्थिक नुकसान होता है. ये आर्थिक नुकसान कोई छोटा-मोटा नहीं होता. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट शटडाउन की वजह से इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनियों को हर घंटे करीब 2 करोड़ 45 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है. इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनियों को सरकार के निर्देश पर अपनी सेवाएं रोकनी पड़ती है. पिछले दिनों दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में इंटरनेट शटडाउन रहा है. असम में हिंसक विरोध प्रदर्शन पर 10 दिनों तक इंटरनेट शटडाउन रहा. दिल्ली में जब जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और उसके बाद विरोध के आग दूसरे इलाकों में फैली तो दिल्ली के कुछ इलाकों में भी इंटरनेट सेवाएं रोकी गईं. यूपी के 21 जिलों में इंटरनेट सेवाएं रोकी गई हैं.
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26 दिन पहले
नागरिकता कानून के खिलाफ दोबारा प्रदर्शन की आशंकाओं के बीच यूपी के कई जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है. नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है. अभी तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं. हालांकि अब तक लखनऊ में इंटरनेट सेवाओं पर रोक नहीं लगाई गई है, जहां बीते हफ्ते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं.  न्यूज एजेंसी ANI यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) पीवी रामा शास्त्री के हवले से कहा, 'हमने राज्य के अलग-अलग जिलों में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है और लोगों के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा कि आठ जिलों में एक दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दी गई हैं और हम सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट की निगरानी कर रहे हैं.' बता दें कि 19 से 21 दिसंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी, जिसमें 21 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा किया गया. कई शवों में बंदूक की गोली के घाव थे, लेकिन पुलिस ने जोर देकर कहा कि उन्होंने प्लास्टिक की गोलियों और रबर की गोलियों के अलावा और कुछ इस्तेमाल नहीं किया है.
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28 दिन पहले
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