📰 तीन तलाक बिल
इतिहास ,मोदी और मुसलमान :- कल मुस्लिम महिलाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भारी सौगात मिली। मुस्लिम महिलाएं खुश हुईं। चैनलों पर मैंने देखा उन्होंने बुर्का हटाकर अपनी खुशी जाहिर की। और उस खुशी की कुछ छटा हिन्दू पुरूषों पर पड़ी, इससे तमाम हिन्दू पुरूष 'श्याम सलोने गात हो गये !' नरेन्द्र मोदी कमाल के राजनेता हैं। उन्हें पता है हिन्दू-मुसलमान दोनों के दिलों पर कैसे राज किया जा सकता है। उनका हुनर देखिए.. उन्होंने आज़ादी दिलायी विजातीय महिलाओं को और निहाल हो गये अपने। उनके इस प्रहार से प्रगतिशील सन्न हैं और परंपरावादी झूम रहे हैं। जबकि इस पर पारंपरिक लोगों को दुःखी और प्रगतिशीलों को खुश होना चाहिए था, लेकिन हो रहा है एकदम उल्टा। मैं तो कहता हूं, वाह मोदी जी वाह ! "परत गांठ दुर्जन हिये, दयी नयी यह रीति !" मोदी की जब लोग प्रशंसा करते हैं तो मेरी दशा उस गधे जैसी हो जाती है, जिसे जंगल का चुटकुला दस दिन बाद समझ में आता है। फिर वह बिया बान में जाकर चीपों चीपों चिल्लाकर अपना आनंदातिरेक जाहिर करता है। अब गधा तो गधा है ! आप उस पर हँस लीजिए और क्या कहा जाय ? कल मोदी का कारनामा सोचते-सोचते मैं फिर "आज़ादी आधी रात को" पढ़ने लगा। ओह ! कैसा बुरा था वह दौर। दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन, कत्ल-ओ-गारत, जनता की अदला-बदली, नरसंहार और सांप्रदायिक दंगे। इस पुस्तक को पढ़कर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं पुस्तक पढता जाता और बीच-बीच में पृष्ठ बंद करके कुछ सोचता जाता था। मसलन... यदि नरेन्द्र मोदी सन् सैतालीस में होते और प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहते तो शायद भारत का विभाजन न होता। क्योंकि सारी मुस्लिम महिलाएं हिन्दुस्तान में रहने की जिद पर अड़ जातीं और जिन्ना अपने घुठने टेक देते। या फिर जिन्ना एक ऐसे मुल्क के प्रधानमंत्री होते जिसमें सिर्फ पुरूष होते, महिलाएं एक भी नहीं। लगभग पाउंड भर वज़न में सिमटा सैंतालिस का इतिहास अपने कलेजे पर रखे मैं न जाने कब सो गया। मैं देख रहा हूं एक बड़े हाल में माउंटबेटन, गांधी, नेहरू, जिन्ना और मोदी बैठे हैं। इनमें मोदी को छोड़कर गांधी, नेहरू, जिन्ना बिलायती शिक्षा लेने वाले भारी भरकम बैरिस्टर हैं। सिंगिल चेसिस वाले जिन्ना सूट-बूट और टाई पहने बार-बार सिगार फूंक रहे हैं। माउंटबेटन के माथे पर आधा दर्ज़न सलवटे हैं वे बारी-बारी सबकी बात सुनकर निषेध में सिर हिला रहे हैं। आधी धोती पहने, आधी ओढ़े गांधी जी रघुपति राघव राजाराम बुदबुदा रहे हैं और उन्हें कुछ बोलने के लिए नेहरू बराबर उकसा रहे हैं। इन सबकी बातों से बेपरवाह सबसे अलग एक छोर पर नरेन्द्र मोदी पूरे माथे पर त्रिपुंड पोते, गले में रूद्राक्ष की माला डाले, आधी आस्तीन का कुर्ता पहने और हाथ में गंडा बांधे कभी कैमरामैन तो कभी स्टेनोग्राफ़र की तरफ देख रहे हैं। सबकी बात चल ही रही थी, एकाएक नरेन्द्र मोदी अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुये। उन्होंने कहा बापू , हिन्दुस्तान में केवल उन्हीं मुसलमानों को रहने दूंगा जो तीन तलाक और बुर्के को कुप्रथा मानने को राजी होंगे। इतना कहते हुये मोदी हाल से बाहर निकल आये। और यहीं बात उन्होंने भीड़ के सामने भी दुहराया। बाहर खड़ी भीड़ मोदी का जै जैकार कर रही थी, कैमरामैन तस्वीरें उतार रहे थे और ख़बरनवीश पूरा ब्यौरा दर्ज़ कर रहे थे। यह सब देखकर भीतर माउंटबेटन ने अपने हाथ का एक बड़ा नक्सा फाड़ दिया। नेहरू अपना सिर पकड़कर बैठे थे, जिन्ना ने फिर सिगार सुलगाई और गांधी को तरेरने लगे, गांधी ने कहा यह चतुर बनिया है। इसके इरादों को रोकना नामुमकिन है ! बाहर भीड़ को हटाता एक बूढ़ा आदमी मोदी के नज़दीक पहुँचकर उनका हाथ चूमने लगता है। उसकी आवाज़ में कातरता थी। वह बोल रहा था बेटा, अल्लाह तुझे दुआ दे ! मेरी चार बेटियां हैं, चारो बाल-बच्चेदार हैं। उनके शौहरों ने उन्हें तलाक़ दे रखा है। अब बताओ, मैं इस बुढ़ापे में कैसे सबका भरण-पोषण करूं ? तू सच्चा फ़कीर है ! अल्लाह ने तुझे मुसलमानों को नेमत के वास्ते भेजा है। तुझे मेरी भी उमर लगे !! मेरा सपना अभी चरम पर नहीं पहुँचा था, तब तक हाॅकर की शैतानी से सड़क, बालकनी लाँघता हिन्दुस्तान मेरी नाक पर आ गिरा। मेरी आंख खुली तो सवा तीनसौ रूपये की पाउंड भर "आज़ादी" बिस्तर से नीचे गिरी थी, और चार रूपये का "हिन्दुस्तान" मेरी नाक में सुरसुरी पैदा कर रहा था। उस पर लिखा था..तीन तलाक देना अब अपराध !!! (साभार अंबुज जी) #मोदी , #मुसलमान , #इतिहास , #ट्रिपलतलाक #📰 तीन तलाक बिल
#

📰 तीन तलाक बिल

📰 तीन तलाक बिल - ShareChat
144 ने देखा
23 दिन पहले
#

📰 तीन तलाक बिल

152 ने देखा
24 दिन पहले
#📰 तीन तलाक बिल #📰 30 जुलाई की न्यूज़ #📢 राजनीतिक चर्चा #🗞️ समाचार एवं न्यूज़ पेपर क्लिप नई दिल्ली. लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल मंगलवार को पास हो गया। राज्यसभा में बिल पर करीब 4 घंटे बहस हुई। अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-बिद्दत यानी एक बार में तीन तलाक को असंवैधानिक और गैर-कानूनी करार दिया था। इसके बाद 2 साल में यह बिल 2 बार लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में अटक गया। आम चुनाव के बाद तीसरी बार यह विधेयक 25 जुलाई को लोकसभा से पारित हुआ। 5 दिन बाद ही यह राज्यसभा से भी पास हो गया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। तीन तलाक देने के दोषी पुरुष को 3 साल की सजा सुनाई जाएगी। पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे-भत्ते की मांग कर सकेंगी। बिल में 3 साल की सजा के प्रावधान का कांग्रेस ने विरोध किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 3 साल की सजा का प्रावधान ठीक उसी तरह है, जैसे किसी को अपमानित करने या धमकाने के जुर्म में जेल भेज दिया जाए। इसलिए हम इस बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजना चाहते थे। कानून मंत्री ने कहा- सजा के प्रावधान में कुछ गलत नहीं विपक्ष की इस आपत्ति पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दहेज विरोधी कानून और बहुविवाह रोकने से जुड़े कानून में भी दोषी हिंदू पुरुष को जेल भेजने का प्रावधान है, लिहाजा तीन तलाक के दोषी पुरुष को सजा के प्रावधान में कुछ गलत नहीं है। उन्होंने कहा- यह (तीन तलाक बिल) लैंगिक समानता और महिलाओं के सम्मान का मामला है। तीन तलाक कहकर बेटियों को छोड़ दिया जाता है, इसे सही नहीं कहा जा सकता।’’ यह विधेयक 25 जुलाई को लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। लोकसभा में बिल के पक्ष में 303 और विरोध में 82 मत पड़े थे। तब कांग्रेस, तृणमूल, सपा और डीएमके समेत अन्य पार्टियों ने बिल का विरोध करते हुए वोटिंग से पहले सदन से वॉकआउट किया था।
#

📰 तीन तलाक बिल

📰 तीन तलाक बिल - संसद / लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पास , राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बनेगा ० अब तीन तलाक गैर - कानूनी होगा , दोषी को 3 साल की सजा होगी , पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा - भत्ता मांग सकेंगी । अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह बिल दो बार लोकसभा से पास हो चुका था , लेकिन राज्यसभा में अटक गया । इस बार यह बिल 25 जुलाई को लोकसभा से पास हुआ और 5 दिन बाद ही राज्यसभा में वोटिंग हुई ० बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव भी 84 के मुकाबले 100 वोटों से गिर गया अब मैं अबला नहीं तीन तलाक संशोधन बिल संसद में पास STOP TRIPLE POLYGA MY TALAQ PRAGATISHER MUSLIM SAMAS - ShareChat
733 ने देखा
24 दिन पहले
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post