30 अप्रैल की न्यूज़
#30 अप्रैल की न्यूज़ #🗞️ समाचार एवं न्यूज़ पेपर क्लिप #🗳 लोकसभा चुनाव 2019 नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आपके मुअक्किल बयान भी देते हैं और उसे सही ठहराने की कोशिश भी करते हैं। राहुल की तरफ से सिंघवी ने माफी मांगी और नया हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने चौकीदार है बयान पर राहुल के खिलाफ अवमानना की याचिका दाखिल की थी। राहुल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मेरी गलती यह थी कि मैंने माननीय अदालत के शब्दों का गलत मतलब निकाला। उधर, लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अवमानना मामलों में कानून स्पष्ट है कि पहली लाइन ही बिना शर्त माफी से शुरू होनी चाहिए। राहुल ने सोमवार को भी खेद जाहिर किया, माफी नहीं मांगी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चौकीदार चोर है वाले अपने बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को नया हलफनामा दायर किया था। उन्होंने इसमें भी खेद ही जताया, माफी नहीं मांगी। राहुल ने हलफनामे में कहा था कि राजनीतिक लड़ाई में उनका कोर्ट को घसीटने का कोई इरादा नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था, ‘‘जाहिर तौर पर कोई भी अदालत ऐसा नहीं कहेगी। इसलिए अदालती आदेश का दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से संदर्भ देना (जिस पर मैं अफसोस जताता हूं) और उसके साथ राजनीतिक नारा लगाना प्रचार के गर्म महौल में हुआ। हम यह समझाना नहीं चाहते थे कि अदालत ने इस मुद्दे पर कोई निष्कर्ष दिया है।’’ क्या है मामला? दरअसल, हाल ही में शीर्ष अदालत राफेल डील के लीक दस्तावेजों को सबूत मानकर मामले की दोबारा सुनवाई के लिए राजी हो गई थी। इस पर राहुल ने कहा था कि कोर्ट ने मान लिया कि ‘चौकीदार ही चोर है।’ इसके बाद लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना का केस दायर कर दिया था। इस पर कोर्ट ने राहुल को बिना नोटिस जारी किए ही जवाब मांगा था। राहुल ने 22 अप्रैल को माना था कि कोर्ट ने ऐसा कुछ नहीं कहा और गर्म चुनावी माहौल में जोश में उनके मुंह से यह बात निकल गई। उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया था।
#

30 अप्रैल की न्यूज़

30 अप्रैल की न्यूज़ - अवमानना मामला / ' चौकीदार चोर है ' पर सुप्रीम कोर्ट की राहुल को फटकार - आप बयान देते हैं , | फिर सही ठहराने की कोशिश करते हैं । सीजेआई गोगोई ने कहा - आपको खेद जताने के लिए 22 पन्नों का हलफनामा देना पड़ा , कोष्ठक में खेद लिखने का क्या मतलब है ? • मीनाक्षी लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा - मानहानि के मामलों में कानून साफ है , पहली लाइन ही बिना शर्त माफी की होनी चाहिए । - ShareChat
266 ने देखा
6 महीने पहले
कोई और पोस्ट नहीं हैं
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post