सर्वद्रव्येषु विद्यैव द्रव्यमाहुरनुत्तमम् ।
अहार्यत्वादनर्घत्वादक्षयत्वाच्च सर्वदा ॥
[ हिदोपदेश, मित्रलाभ- ४ ]
अर्थात् 👉🏻 संसार के समस्त द्रव्यों में उत्तम विद्यारूपी धन ही है , क्योंकि न यह चुराई जा सकती है , न इसका कोई मोल लगा सकता है तथा न इसका कभी क्षय ही हो सकता है ।
🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄 ##🌺 विजया एकादशी🙏#🙏विजया एकादशी🪔#🌸 विजया एकादशी 🪔#विजया एकादशी🌸