ശുഭചിന്തകൾ
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माघी पूर्णिमा माघ मास के दिन की तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रदेव की पूजा के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा का भी महत्व है। माघी पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियमों का उल्लेख ग्रंथों में भी मिलता है। इस दिन खासतौर पर प्रयाग संगम पर स्नान करने का अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन देवलोक से देवतागण पृथ्वी पर आते हैं। माघ पूर्णिमा बहुत ही महत्वपूर्ण है। जो साधक माघ मास में संगम नदी के किनारे रहकर व्रत और संयम के साथ स्नान ध्यान करते हैं और माघ पूर्णिमा के दिन अपने कल्पवास की परंपरा को पूर्ण करते हैं, उनके लिए माघ पूर्णिमा बहुत ही विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के पावन दिन श्री हरि विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगास्नान का विशेष फल प्राप्त होता है। ज्योतिष के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र और सिंह राशि में स्थित होता है। मघा नक्षत्र होने पर इस तिथि को माघ पूर्णिमा कहा जाता है। मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा पर देवता भी गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं, इसलिए माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करना बहुत शुभ माना गया है।शास्त्रों के अनुसार, जो साधक माघ माह में संगम नदी के किनारे रहकर व्रत और संयम के साथ स्नान ध्यान करते हैं। उनके लिए माघ पूर्णिमा बहुत ही विशेष मानी जाती है। माघ पूर्णिमा के दिन वे लोग अपने कल्पवास की परंपरा को पूर्ण करते हैं। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के पावन दिन श्री हरि विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष फल प्राप्त होता है। #शुभ कामनाएँ 🙏
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