📰 कश्मीर पर UNSC की बैठक
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📰 कश्मीर पर UNSC की बैठक

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2 महीने पहले
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📰 कश्मीर पर UNSC की बैठक

W.Ranjna
#📰 UN में कश्मीर पर चर्चा #📰 UN में कश्मीर पर चर्चा
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2 महीने पहले
#📰 UN में कश्मीर पर चर्चा #📰 16 अगस्त की न्यूज #📢 राजनीतिक चर्चा #📺 ब्रेकिंग न्यूज न्यूयॉर्क. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के भारत के फैसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बंद कमरे में चर्चा शुरू हो गई है। बैठक के इतर यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मीडिया से कहा- अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान के मुताबिक पूरी तरह हमारा आंतरिक मसला है। जम्मू-कश्मीर का फैसला वहां के विकास के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि हम धीरे-धीरे कश्मीर से प्रतिबंधों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अकबरुद्दीन ने कहा- पाकिस्तान जिहाद की बात करके हिंसा को भड़का रहा है। अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, कोई लोकतांत्रिक देश ऐसा नहीं करता है। हम पाकिस्तान से बात तब करेंगे, जब वह आतंकवाद खत्म कर देगा। पहले आतंकवाद बंद करो और फिर बातचीत होगी। हम कश्मीर में शांति बनाए रखनेके लिए प्रतिबद्ध- अकबरुद्दीन अकबरुद्दीन ने कहा- अनुच्छेद 370 का मसले का कोई बाहरी संबंध नहीं है। हाल में जो फैसला लिया गया है, उसके पीछे भारत सरकार का मकसद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए सुशासन, समाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है। हम धीरे-धीरे प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत के भीतर बदलाव किए गए हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हमारी बाहरी सोच और मकसद बदल गया है। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि जम्मू-कश्मीर में हालात शांतिपूर्ण रहें। रूस ने कहा- कश्मीर भारत-पाक का द्विपक्षीय मुद्दा इस बैठक का नतीजे की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी। इसमें सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी और 10 अस्थाई सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक में भारत और पाकिस्तान इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया जा रहा है। रूस ने इस बैठक में शामिल होने से पहले ही कहा कि हमारा यही नजरिया है कि यह मुद्दा पाकिस्तान और भारत का द्विपक्षीय मुद्दा है। पाक विदेश मंत्री ने भी यूएन को लिखा था पत्र, चीन ने समर्थन किया इससे पहले पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएन को पत्र लिखकर भारत के कश्मीर को लेकर लिए गए निर्णय पर तत्काल एक सत्र बुलाने का अनुरोध किया था। चीन ने पाक का साथ देते हुए इस मामले पर गुप्त बैठक की बात कही।यूएनएससी की अध्यक्ष जोआना रोनेका ने बुधवार को बताया था कि भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद चीन ने इस सत्र को कराने के लिए औपचारिक निवेदन किया। चीन सुरक्षा परिषदका स्थायी सदस्य है। यूएन में कश्मीर पर 55साल पहले हुई थी चर्चा यूएन रिकॉर्ड्स के मुताबिक, सुरक्षा परिषद ने पिछली बार जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर 1965में चर्चा की थी। 16 जनवरी 1965के एक पत्र में यूएन में पाक के प्रतिनिधि ने कश्मीर पर तत्काल बैठक बुलाने के लिए कहा था। इसमें भी कश्मीर के विशेष दर्जे को लेकर ही शिकायत की गई थी। भारत के कदम को संवैधानिक बता चुका है रूस चीन की यात्रा से लौटने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा था कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने यूएनएससी में पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया था। दूसरी तरफ परिषद के एक और स्थायी सदस्य रूस ने भारत के कदम को संवैधानिक बताया था। उसने कहा था कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसी तरह से सुलझाया जाना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात ने भी इसे भारत का आंतरिक मामला कहा था। किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन नहीं किया: भारत पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की लगातार कोशिश करता रहा है और वह इस मामले में विश्व समुदाय को शामिल करने का प्रयास करता रहा है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत के अनुच्छेद 370 हटाने के कदम से न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा उत्पन्न हुआ है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया था कि यह उसका आंतरिक मामला है और उसने किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया है।
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📰 UN में कश्मीर पर चर्चा

📰 UN में कश्मीर पर चर्चा - संयुक्त राष्ट्र | सुरक्षा परिषद में कश्मीर मसले पर बैठक ; भारत ने कहा - यह आंतरिक मसला , विकास के लिए हटाया अनुच्छेद 370 . फाइल फोटो । • कश्मीर मुद्दे को दुनिया के सामने उठाने के लिए पाक के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा था • चीन ने पाक का समर्थन करते हुए यूएनएससी से बंद कमरे में बैठक कराने का अनुरोध किया - ShareChat
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