sn vyas
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
⁉️*ईश्वरका नमूना क्या है ?*⁉️
🕉️ईश्वर का नमूना जीवात्मा है; क्योंकि ईश्वर भी नित्य एवं निर्विकार है और जीवात्मा भी नित्य एवं निर्विकार है। परन्तु जीवात्मा प्रकृति के वश में हो जाता है और ईश्वर प्रकृति के वश में कभी हुआ नहीं, है नहीं और होगा भी नहीं।🕉️
👩❤️👩सबको अपनी सत्ता का अनुभव होता है कि 'मैं हूँ'। इसमें न तो कभी सन्देह होता है कि 'मैं हूँ या नहीं हूँ', न कभी परीक्षा करते हैं और न कभी अपनी सत्ता के अभाव का अनुभव होता है। शरीर पहले भी नहीं था और बादमें भी नहीं रहेगा, पर अपनी सत्ता की तरफ ध्यान देने से ऐसा अनुभव नहीं होता कि मैं नहीं था। हाँ, इस विषय में 'पता नहीं है'- ऐसा तो कह सकते हैं, पर 'मैं नहीं था'-ऐसा नहीं कह सकते; क्योंकि अपनी सत्ता के (अपने-आपके) अभाव का अनुभव किसी को भी नहीं होता। वर्तमान में भी शरीर प्रतिक्षण अभाव में जा रहा है, मिट रहा है, अपने से अलग हो रहा है, पर 'मैं अभाव में जा रहा हूँ' - ऐसा अनुभव किसी को भी नहीं होता, प्रत्युत यही अनुभव होता है कि शरीर अभाव में जा रहा है। शरीर के अभाव का अनुभव वही कर सकता है जो भाव रूप हो। 'नहीं' को जानने वाला 'है'-रूप ही हो सकता है। अतः सिद्ध हुआ कि शरीर के अभाव को जानने वाला स्वयं (जीवात्मा) भावरूप है, सत्-रूप है।👩❤️👩
🙏*राम ! राम !! राम !!!*🙏
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