12 सितम्बर की न्यूज़
#12 सितम्बर की न्यूज़ #📺 ब्रेकिंग न्यूज #🗞️ समाचार एवं न्यूज़ पेपर क्लिप #📢 राजनीतिक चर्चा 11 राज्य भारी-भरकम ट्रैफिक जुर्माने के खिलाफ हो गए हैं। इनमें चार भाजपा शासित राज्य हैं। जुर्माना राशि में गुजरात में कटाैती होने के अगले ही दिन बुधवार को भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड ने भी जुर्माने की रकम घटा दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी राज्य के अधिकारियाें काे गुजरात की तर्ज पर जुर्माना घटाने का आदेश दिया है। इसबीच, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर राओते ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कहा- ‘नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माने की राशि हद से ज्यादा बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इस पर दोबारा विचार करे और जरूरी संशोधन करके जुर्माने की राशि को कम करे।’ विपक्ष के साथ ही भाजपा शासित राज्याें में भी विराेध हाेता देख गडकरी ने कहा कि लाेगाें की जिंदगी बचाना उनकी अकेले की जिम्मेदारी नहीं है। मुख्यमंत्री चाहें ताे अपने राज्याें में जुर्माना घटा सकते हैं। लेकिन, उन्हें इसके नतीजाें की भी जिम्मेदारी लेनी हाेगी। कांग्रेस शासित राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब ने 1 सितंबर से लागू हुअर नया कानून अपने यहां लागू करने से इनकार कर दिया था। ये राज्य भारी-भरकम जुर्मानाें के खिलाफ गुजरात सरकार ने मंगलवार को नियमों में बदलाव कर जुर्माना राशि घटा दी। कई मामलाें में यह आधी ताे कुछेक में 90% तक कम की गई है। सरकार ने कहा कि जुर्माना बहुत ज्यादा था। प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी संशाेधित मोटर वाहन कानून लागू करने से इनकार कर दिया। उन्हाेंने कहा- इससे लोगों पर बोझ पड़ेगा। इसलिए लागू ही नहीं करेंगे। राजस्थान सरकार ने संशाेधित कानून के 33 प्रावधानों में से 17 में बदलाव कर जुर्माना राशि कम करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जुर्माने में 50% तक की कटाैती की गई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था कि लाेगाें काे तीन महीने का वक्त देना चाहिए। अब नाकाें पर दाेपहिया चालकाें काे हेलमेट देकर जागरूक किया जा रहा है। दिल्ली सरकार भी माैके पर चुकाए जाने वाले जुर्माने को लेकर सभी पक्षों के साथ विचार कर रही है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दूसरे राज्यों की प्रतिक्रिया देखकर फैसला लेंगे। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि वह इस बारे में केंद्र सरकार से बात करेंगे। मंगलवार को कहा था कि 13 अक्टूबर के बाद संशोधन को लेकर विचार किया जाएगा। गाेवा की भाजपा सरकार बाेली- जुर्माना लगाने से पहले ठीक की जाएंगी सड़कें भाजपा के नेतृत्व वाली गाेवा सरकार ने अभी नए नियम लागू करने से इनकार किया है। सरकार ने कहा कि भारी-भरकम जुर्माने लगाने से पहले सड़काें काे गड्ढ़ा मुक्त करना उसकी नैतिक जिम्मेदारी है। परिवहन मंत्री माॅविन गाेदिन्हाे ने कहा कि सरकार दिसंबर तक सभी सड़काें की मरम्मत करवाएगी। उसके बाद जनवरी से संशाेधित माेटर वाहन कानून लागू किया जाएगा। जुर्माना लोगों की जान से ज्यादा अहम नहीं: गडकरी नितिनगडकरी ने कहा कि भारी जुर्माने का मकसद सिर्फ लाेगाें की जान बचाना है, आमदनी बढ़ाना नहीं। क्या सड़काें पर हाेने वाली डेढ़ लाख माैताें की चिंता नहीं करनी चाहिए? जुर्माना लाेगाें की जान से ज्यादा अहम नहीं है। सरकार ने सबसे सलाह और संसद में चर्चा के बाद इसे लागू किया है। हादसे कम करना और लाेगाें की जान बचाने की जिम्मेदारी राज्य और केंद्र सरकार दाेनाें की है। नियमों में सख्ती के विरोध में गडकरी के घर के सामने यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन ट्रैफिक नियमों की सख्ती के विराेध में बुधवार को दिल्ली यूथ कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर के आगे प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने कहा कि गरीब आदमी अगर 25 हजार रुपए का चालान कटवाएगा तो घर कैसे चलाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि नियमों में बदलाव हाेने तक उनका विराेध जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियाें ने विरोध स्वरूप पुराने वाहन गडकरी को सौंपने की भी बात कही।
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12 सितम्बर की न्यूज़ - मोटर व्हीकल एक्ट / 2 राज्यों ने ट्रैफिक जुर्माना घटाया , 2 घटाने वाले हैं ; दिल्ली समेत 7 और राज्य खिलाफ • गुजरात के बाद उत्तराखंड ने जुर्माने कम किए , कर्नाटक भी घटाएगा • गोवा की भाजपा सरकार बोली - जुर्माना लगाने से पहले ठीक की जाएंगी सड़कें • केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा - जुर्माना लोगों की जान से ज्यादा अहम नहीं - ShareChat
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2 महीने पहले
#12 सितम्बर की न्यूज़ आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर मुस्लिमों को पश्चिमी देशों पर हमला करने के लिए उकसाया है। वायरल वीडियो में जवाहिरी ने मुस्लिमों से कहा कि अमेरिका, यूरोप, इजराइल और रूस जैसे पश्चिमी देशों पर हमला करके उन्हें तबाह कर दो। जवाहिरी 9/11 आतंकी हमले की 18वींबरसी पर मुस्लिमों को संबोधित कर रहा था। जवाहरी का 33 मिनट का भाषण रिकॉर्ड किया अमेरिकी कंपनीसर्च फॉर इंटरनेशनल टेररिस्ट एंटिटीज (एसआईटीई) ने इसका खुलासा किया है। एसआईटीई आतंकी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करती है। इसके बाद जवाहिरी का यह वीडियो सामने आया। अलकायदा सरगना ने कहा, ‘‘यदि आप जिहाद चाहते हो, तो पश्चिमी देशों की सेना को धीरे-धीरे खत्म करते रहें। अमेरिकन सैनिक आज पूर्व से पश्चिम तक पूरी दुनिया में हैं। आपके देश अमेरिकी ठिकानों से भरे हुए हैं, जिसमें सभी काफिर हैं।उनके द्वारा भ्रष्टाचारफैलाया जा रहाहै।’’ जवाहिरी का 33 मिनट 28 सेकंड का भाषण रिकॉर्ड किया गया। वीडियो को अलकायदा के ही अस-सहाब मीडिया फाउंडेशन ने जारी किया। जवाहिरी ने अपने भाषण में जिहादी रास्ता छोड़ने वाले उन लोगों की भी आलोचना की, जो ये कहते हैं कि 9/11 जैसे हमले नहीं होना चाहिए, क्योंकि इनमें आम नागरिक मारे जाते हैं। बुधवार तड़के ही अफगानिस्तान के काबुल में अमेरिकी दूतावास के पास धमाका हुआ था। अभी तक किसी संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि यह एक तरह का रॉकेट ब्लास्ट था। 9/11 हमले में 2900 लोग मारे गए थे अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए हमले में 2983 लोग मारे गए थे। इसके पीछे अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था। मई 2011 मेंलादेन को अमेरिका ने पाक के एबटाबाद में घुसकर मार दिया था। अल-जवाहिरी 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद संगठन प्रमुख बना था। जवाहिरी मिस्रका रहने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी पाकिस्तान या अफगानिस्तान में छिपा हो सकता है।
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12 सितम्बर की न्यूज़ - 9 / 11 बरसी / अलकायदा सरगना ने मुस्लिमों से कहा - अमेरिका , यूरोप , रूस और इजराइल को तबाह कर दो _ _ अलकायदा सरगना अयमान अल - जवाहिरी । - फाइल - ShareChat
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2 महीने पहले
#12 सितम्बर की न्यूज़ जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए। सेना के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को भारतीय सैनिक पेनगॉन्ग लेक के उत्तरी हिस्से में पेट्रोलिंग पर निकले थे, जिसका चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने विरोध किया। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच तनाव कम करने के लिए ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों की फ्लैग मीटिंग हुई। इसमें चीनी सैनिक पीछे हटने के लिए तैयार हो गए औरटकराव खत्म हुआ। चीन लगातार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) का उल्लंघन करता रहा है। उसके सैनिकों ने पिछले साल जुलाई में लद्दाख के उत्तरी हिस्से में घुसपैठ कर तंबू लगा दिए थे। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा है कि हमारे जवान भारतीय सीमा में थे। इसलिए चीन की आपत्ति के बाद भी वहां डटे रहे। पेनगॉन्ग लेक का काफी हिस्सा विवादित है। इसका दो तिहाई हिस्सा चीन के कब्जे वाले तिब्बत में है। बाकी भारतीय सीमा में है। इस झील की सीमा की लंबाई करीब 134 किलोमीटर है। चीन को झील के उत्तरी हिस्से में भारतीय जवानों की मौजूदगी पर ऐतराज था। दोनों सेनाओं के बीच हुई फ्लैग मीटिंग में चीनी पीछे हटने को तैयार हो गया। चीन सीमा के पास अक्टूबर में 5 हजार भारतीय जवान युद्धाभ्यास करेंगे सेना की 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के पांच हजार से अधिक जवान अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश की चीन से सटी सीमा के पास युद्धाभ्यास करेंगे। हाल ही में थल सेना और वायु सेना की चार कॉर्प्स को मिलाकर 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स का गठन किया गया है। इन जवानों को बाद में देश की पूर्वी सीमा पर तैनात किया जाना है। चीन की सीमा पर पहली बार इस तरह का युद्धाभ्यास होगा। सूत्रों ने बताया कि 17 माउंटेन कॉर्प्स का गठन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की सैन्य नवीनीकरण की प्रक्रिया के तहत किया गया है। माउंटेन कॉर्प्स को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसमें एक यूनिट इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) की बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य युद्धाभ्यास को अधिक प्रभावी बनाना है। कश्मीर मुद्दे पर चीन पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का चीन विरोध कर रहा है। वह कश्मीर मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का साथ दे चुका है। दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में साफ कर चुके हैं कि जब जम्मू-कश्मीर की बात होगी तो उसने पाक के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और चीन के कब्जे वाला अक्साई चीन भी शामिल होगा। ये दोनों क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के अभिन्न अंग हैं। 2016 में डोकलाम के बाद चीन ने कई बार सीमा का उल्लंघन किया जून 2016 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया था। चीनी सैनिकों ने डोकलाम में सड़क बनाने की कोशिश की थी। भारतीय जवानों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था। यह विवाद 73 दिनों तक चला था। इसके बाद चीन ने यहां सड़क निर्माण का काम रोक दिया था। अगस्त 2017 में चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय फौज ने नाकाम कर दिया। घुसपैठ की कोशिश लद्दाख में पेनगॉन्ग लेक के पास हुई। भारत की कार्रवाई के बाद चीनी सैनिकों ने पथराव किया। इसके चलते जवानों को चोटें आईं। चीन के भी कुछ सैनिक घायल हुए थे। जुलाई 2018 में भी लद्दाख के उत्तरी क्षेत्र में भारत-चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। तब चीन ने उत्तरी लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ करते हुए तंबू गड़ा दिए थे। सितंबर 2018 में चीन के दो हेलिकॉप्टर लद्दाख के ट्रिग हाइट इलाके में 10 मिनट तक भारतीय हवाई क्षेत्र में रहे थे। यह इलाका भारत के लिए रणनीतिक तौर पर अहम है। सितंबर 2018 में चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश की दिवांग घाटी में घुसकर टेंट लगाए लिए थे। हालांकि, आईटीबीपी के विरोध के बाद वापस लौट गए।
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2 महीने पहले
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