ਦੁਖੀ
55 Posts • 43K views
Naman News
987 views
#📰 बिहार अपडेट #📹 ट्रेंडिंग वीडियो #मां #मेरी जान मेरी प्यारी सी बेटी #दुखद छपरा में मां की अर्थी को बेटियों ने दिया कंधा, समाज की चुप्पी पर उठे सवाल छपरा के सवर्ण समाज की बेटियां माँ की अर्थी को ख़ुद कन्धा देने को क्यों हुईं मजबूर? छपरा के सवर्ण समाज की ये बेटियां है इनकी मां चली गई, गांव ने भी मुंह मोड़ा, बेटियों ने दी मुखाग्नि, श्राद्ध के लिए समाज से मदद की पुकार मां के निधन के बाद न रिश्तेदार पहुंचे, न ही गांव के लोग आगे आए। आख़िरकार दो बेटियों ने ही हिम्मत जुटाकर मां की अर्थी को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर बेटियों का फ़र्ज़ निभाया। दोनों बेटियां गांव की गलियों में दर-दर हाथ जोड़ती रहीं, लोगों से विनती करती रहीं, लेकिन संवेदनाएं जैसे पत्थर बन चुकी थीं। काफ़ी देर बाद दो-तीन लोग किसी तरह पहुंचे, तब जाकर चार कंधों पर अर्थी उठ सकी और अंतिम संस्कार हो पाया। उनका समाज और रिश्तेदारों से सिर्फ़ इतना ही आग्रह है कि कोई आगे आकर मां के श्राद्ध संस्कार में सहयोग कर दे, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके।
14 likes
10 shares
Rajesh j
576 views
सुख मनुष्य को नाव बनाना सिखाता है, और दुःख तैरना" - यह एक प्रसिद्ध विचार है, जो जीवन के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि अच्छे समय में हम भविष्य की योजनाएँ (नाव) बनाते हैं, जबकि कठिन समय हमें उन चुनौतियों (पानी) में जीना और तैरना सिखाता है। #सुख #सुख दुःख आते हैं #दुख #सत्य वचन #सत्य
15 likes
7 shares