#GodNightTuesday
#रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान
. जति के लक्षण
पुरुष यति सो जानिये, निज त्रिया तक विचार।
माता बहन पुत्री सकल और जग की नार।।
29 जून कबीर प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में जरूर जानें कि वास्तविक समाज सुधारक कबीर परमेश्वर जी ही हैं!
समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और बुराइयों के बारे में पढ़ते पढ़ाते सैकड़ो वर्ष बीत गये। लेकिन इन समाज नाशक बुराइयों के अंत में सफलता प्राप्त नहीं हुई? समय समय पर सरकारों ने भी इन इन बुराइयों की रोकथाम के लिए अनेक प्रयत्न किये किंतु सफलता प्राप्त नहीं हुई।
दहेज, मृत्युभोज जैसी कुरितियां समाज के गरीब व्यक्ति को और गरीब बनाने वाली है, व्यक्ति भूत प्रेत, प्राकृतिक आपदाओं से तो बच सकता है परंतु राक्षस रूपी कुप्रथाओं से बचना असम्भव है।इन बुराइयों से मात्र कबीर परमेश्वर की शिक्षाओं से ही बचा जा सकता है, यही एकमात्र और सरल उपाय है।
जब 600 वर्ष पहले कबीर परमेश्वर ने इन बुराइयों तथा कुप्रथाओं के लिए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया तब नकली धर्मगुरुओं ने कबीर साहेब का विरोध किया। कबीर साहेब ने बताया:-
कबीर, माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख ।
माँगन ते मरना भला, यह सतगुरु की सीख ॥
माँगना मरने के बराबर है, इसलिए किसी से भीख मत मांगो। सतगुरु कहते हैं कि मांगने से मर जाना बेहतर है, अर्थात पुरुषार्थ से स्वयं चीजों को प्राप्त करो, उसे किसी से मांगो मत। समाज के दुष्ट लोग भीख मानकर रात्रि में शराब मांस का सेवन करते हैं। भ्रष्ट लोग रिश्वत मांगकर देश के साथ और अपने कर्मों के साथ धोखा करते हैं। नीच लोग दहेज मानकर अन्याय करते हैं। इसलिए परमेश्वर ने बताया है मांगने से मरना भला।
एक लेवा एक देवा दूतं, कोई किसी का पिता न पूतं।
ऋण संबन्ध जुड़ा एक ठाठा, अंत समय सब बारह बाटा।।
परमात्मा की दृष्टि से कुछ नहीं छुपा है। जैसा करेगा, वैसा भरना पड़ेगा। प्रत्येक परिवार इसी प्रकार संस्कार के कारण एक-दूसरे से जुड़ा है। कोई पूर्व जन्म का कर्ज उतारने के लिए जन्मा है, कोई पूर्व जन्म का कर्ज लेने जन्मा है। उदाहरण के लिए:-
पिता ने लड़के को पढ़ाया। शादी से दो दिन पहले दुर्घटनाग्रस्त होकर मर गया। वह अपना कर्ज पिता से लेने आया था। बेटा जवान हुआ। कार्य करके निर्वाह करने लगा। पिता रोगी हो गया, लाखों रूपये लगे, व्यर्थ रहे, मर गया। यह पिता पिछले जन्म का कर्ज लेने आया था। कुछ देने आया था। लड़की का विवाह किया, दो वर्ष पश्चात् लड़की मर गई। बहुत दहेज दिया था। वह दामाद पूर्व जन्म के ऋण के बदले में लड़की भी ले गया और धन भी ले गया।
वेदों में परमात्मा का नाम कबीर है । यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32, अध्याय 29 मंत्र 25, अध्याय 40 मंत्र 8 और भी कई जगह प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब है ।
हर युग में परमात्मा धरती पर सहशरीर, मनुष्य सदृश्य अवतरित होते हैं और एक लीला साधारण मनुष्य की तरह करते हैं । अपनी वाणी के द्वारा बहुत ही विलक्षण ज्ञान देते हैं ।
कबीर, आवत गाली एक है, उल्टा होये अनेक।
कहें कबीर न उलटियो, रहे एक की एक।।
कबीर परमात्मा ने इस वाणी के माध्यम से समझाया है कि अगर आपको कोई गाली देता है तो आप पलटकर गाली न दे, अगर आप भी गाली देंगे तो बात और ज्यादा बढ़ेगी ।
कबीर परमात्मा ने जीव हत्या महापाप बताया है । किसी भी जीव को मारने का आदेश उन्होंने नही दिया है व ऐसे लोगों की संगति से भी दूर रहने का आदेश दिया है ।
कबीर, मांस अहारी मानव, प्रत्यक्ष राक्षस जान।
ताकि संगति न करो, होये भक्ति में हानि।।
कबीर परमेश्वर ने मानव समाज को सही भक्ति मार्ग दिखाया है । सभी सामाजिक बुराइयों जैसे अंधविश्वास, जाति, धर्म से ऊपर उठकर अपने निज घर सतलोक जाने का रास्ता दिखाया है ।
आज संत रामपाल जी महाराज उन्हीं कबीर परमेश्वर के अवतार हैं जो वही आध्यात्मिक ज्ञान मानव समाज को दे रहे हैं । उनसे नाम दीक्षा लेकर हम अपने निज घर सतलोक जा सकते हैं और हमेशा के लिए जन्म मरण के रोग से मुक्ति पा सकते हैं
AnnapurnaMuhim SantRampalJi
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