हिंदूत्व

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shineypositivevibes
1K views 1 months ago AI indicator
महत्व: अपरा एकादशी को 'अपार' पुण्य देने वाली माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु (त्रिविक्रम रूप) की पूजा करने से ब्रह्महत्या, भूत-प्रेत और निंदा जैसे पापों से मुक्ति मिलती है। #vishnu #hindu
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Pradeep Singh
769 views 19 days ago
💔🔥 “जिसे अर्जुन सबसे बड़ा भक्त समझते थे… वही भगवान को सबसे ज़्यादा कष्ट देने वाला निकला!” 😳⚔️ “कभी-कभी भगवान के सबसे करीब होने का घमंड… इंसान को सबसे दूर कर देता है!” 🕉️👑 “भक्ति में नाम बड़ा नहीं होता… त्याग और प्रेम बड़ा होता है!” =========>>>>>> प्रभु श्रीकृष्ण के सबसे बड़े भक्त एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को भगवान श्रीकृष्ण ने समझ लिया। अर्जुन का अहंकार तोड़ने के लिए एक दिन भगवान उन्हें अपने साथ घुमाने ले गए। भ्रमण करते समय उन दोनों की मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उस ब्राह्मण का व्यवहार थोड़ा विचित्र था। वह सूखी घास खा रहा था और उसकी कमर से एक तलवार लटक रही थी। अर्जुन हैरान हो गया। उसने उस ब्राह्मण से पूछा, “आप तो अहिंसा के पुजारी हैं। जीव हिंसा न हो, इसलिए सूखी घास खाकर अपना गुजारा करते हैं। लेकिन फिर हिंसा का यह साधन तलवार आपके साथ क्यों है?” यह प्रश्न सुन कर ब्राह्मण ने जवाब दिया, “मैं कुछ लोगों को दंड देना चाहता हूँ।” अर्जुन ने उत्सुक होकर फिर प्रश्न किया, “हे महाभाग! आपके शत्रु कौन हैं?” ब्राह्मण ने उत्तर दिया, “मैं चार लोगों को ढूंढ रहा हूँ, जिन्होंने मेरे भगवान को परेशान किया है, ताकि उन्हें उनके कर्मों का दंड दे सकूं।” अर्जुन ने फिर पूछा, “वे चार लोग कौन हैं?” ब्राह्मण ने कहा, “सबसे पहले तो मुझे नारद की तलाश है। नारद मेरे प्रभु को विश्राम नहीं करने देते, हमेशा भजन-कीर्तन करके उन्हें जगाए रखते हैं। उसके बाद मैं द्रौपदी से भी अत्यंत नाराज हूँ। उसने मेरे प्रभु को ठीक उसी समय पुकार लिया, जब वह भोजन करने बैठे थे। उन्हें उसी समय भोजन छोड़कर उठना पड़ा, ताकि पांडवों को महर्षि दुर्वासा ऋषि के श्राप से बचा सकें। इतना ही नहीं, द्रौपदी ने मेरे आराध्य को जूठा भोजन खिलवा दिया।” “आपका तीसरा शत्रु कौन है?” अर्जुन ने पूछा। ब्राह्मण ने उत्तर दिया, “वह है हस्तक्षेप प्रह्लाद। उस दुष्ट के कारण मेरे भगवान को गरम तेल के कड़ाहे में प्रवेश करना पड़ा, हाथी के पैरों तले कुचलना पड़ा और अंत में खंभे से प्रकट होने के लिए विवश होना पड़ा।” “और मेरा चौथा शत्रु है अर्जुन। उसका दुस्साहस तो देखिए, उसने तो मेरे भगवान को अपना सारथी ही बना डाला। उसे भगवान की असुविधा का थोड़ा भी ध्यान नहीं रहा। इससे कितना कष्ट हुआ होगा मेरे आराध्य भगवान श्रीकृष्ण को!” यह सब बताते-बताते उस गरीब ब्राह्मण की आँखों से आँसू बहने लगे। उस गरीब ब्राह्मण की ऐसी निस्वार्थ भक्ति देखकर अर्जुन का सारा अहंकार पानी की तरह बह गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगते हुए कहा, “मेरी आँखें खुल गई प्रभु, इस जगत में न जाने आपके कैसे-कैसे अद्भुत भक्त हैं। मैं तो उनके आगे कुछ भी नहीं हूँ।” =====>>> 🙏✨ #ShriKrishna #Bhakti #KrishnaBhakt #SanatanDharma #Hinduism #Spirituality #Motivation #LifeLessons #Karma #ViralStory 🌼🕉️ कभी-कभी सबसे बड़ा भक्त वही होता है… जिसे दुनिया पहचान भी नहीं पाती। अहंकार टूटते ही अर्जुन को समझ आया कि सच्ची भक्ति दिखावे से नहीं, भगवान के दर्द को अपना दर्द मानने से होती है। 💔 “भगवान के सबसे करीब होने का घमंड… कहीं आपको उनसे दूर तो नहीं कर रहा?” ❓ क्या सच्ची भक्ति में अधिकार बड़ा होता है या समर्पण? 📊🙏 क्या अर्जुन का अहंकार टूटना जरूरी था? 🔹 हाँ, तभी सच्ची भक्ति समझ आई 🌸 🔹 नहीं, अर्जुन पहले से महान थे ⚔️ 🔹 सच्चा भक्त वही जो निस्वार्थ हो 🕉️ 🔹 भगवान सबकी भक्ति अलग तरह से स्वीकारते हैं 💖 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #hindu
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Pradeep Singh
4K views 13 days ago
जब स्वयं सृष्टि के पालनहार को एक साधारण भक्त का सहारा लेना पड़ा! 🚣‍♂️ केवट की इस चतुर भक्ति को देखकर भगवान श्री राम का भी अभिमान टूट गया। 😲 दिल को छू लेने वाली यह पौराणिक कथा आपके रोंगटे खड़े कर देगी, इसे अंत तक जरूर पढ़ें! 👇 ​=========>>>>>> "भगवान को सहारा" ​उस समय की बात है जब केवल भगवान के चरण धो रहा है। बड़ा प्यारा दृश्य है, भगवान का एक पैर धोता और उसे निकलकर कठौती से बाहर रख देता है, और जब दूसरा धोने लगता है तो पहला वाला पैर गीला होने से जमीन पर रखने से धूल भरा हो जाता है, केवट दूसरा पैर बाहर रखता है फिर पहले वाले को धोता है, एक-एक पैर को सात-सात बार धोता है। कहता है प्रभु एक पैर कठौती मे रखिये दूसरा मेरे हाथ पर रखिये, ताकि मैला ना हो। जब भगवान ऐसा करते है, तो जरा सोचिये क्या स्थिति होगी, यदि एक पैर कठौती में है दूसरा केवट के हाथो में, भगवान जब दोनों पैरों से खड़े नहीं हो पाते हैं तो केवट से कहते हैं-'केवट मे ऐसे गिर नहीं जाऊँगा ?' ​केवट बोला-'चिंता क्यों करते हो प्रभु ! दोनों हाथों को मेरे सिर पर रखकर खड़े हो जाइये, फिर नहीं गिरेंगे। जैसे कोई छोटा बच्चा है जब उसकी माँ उसे स्नान कराती है तो बच्चा माँ के सिर पर हाथ रखकर खड़ा हो जाता है, भगवान भी आज वैसे ही खड़े हैं। ​भगवान केवट से बोले-'भईया केवट ! मेरे अन्दर का अभिमान आज टूट गया।' केवट बोला-'प्रभु ! क्या कह रहे हैं ?' भगवान बोले-'सच कह रहा हूँ केवट, अभी तक मेरे अन्दर अभिमान था, कि मैं भक्तों को गिरने से बचाता हूँ पर आज पता चला कि, भक्त भी भगवान को गिरने से बचाता है। =========>>>>>> ​=====>>> ​🧲🤩 #kevat_sriram #bhaktishakti #ramayanstory #sanatandharma #viralpost2026 #trendingreels #godislove #highrpmkeywords #pauranik_katha #hindustory ​📖✨ केवट की निश्छल भक्ति और प्रभु श्री राम के चरणों की पावन महिमा को दर्शाती एक अद्भुत कथा। ​भक्त और भगवान के इस अनोखे और पवित्र रिश्ते को देखकर आज हर एक सनातनी की आँखें भर आएंगी, क्या आपने कभी सोचा था कि जो ईश्वर पूरी सृष्टि को संभालता है, उसे भी अपने भक्त के सहारे की जरूरत पड़ सकती है? 🥺🙏 ​📊🗳️ क्या सच्चे प्रेम और निश्छल भक्ति के आगे स्वयं भगवान को भी झुकना पड़ता है? ​हाँ, भक्ति में बहुत शक्ति है 🙇‍♂️ ​नहीं, यह सिर्फ एक लीला है 🔱 ​केवट जैसी भक्ति पाना असंभव है 🚣‍♂️ ​मुझे प्रभु पर पूरा भरोसा है ❤️ #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #hindu
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