सुभाष चंद्र बोस जयंती
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सुभाष चंद्र बोस जयंती

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9 महीने पहले
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सुभाष चंद्र बोस जयंती

रंगून के 'जुबली हॉल' में सुभाष चंद्र बोस द्वारा दिया गया वह भाषण सदैव के लिए इतिहास के पत्रों में अंकित हो गया, जिनमें उन्होंने कहा था कि- "स्वतंत्रता बलिदान चाहती है। आपने आज़ादी के लिए बहुत त्याग किया है, किन्तु अभी प्राणों की आहुति देना शेष है। आज़ादी को आज अपने शीश फूल की तरह चढ़ा देने वाले पागल पुजारियों की आवश्यकता है। ऐसे नौजवानों की आवश्यकता है, जो अपना सिर काट कर स्वाधीनता की देवी को भेट चढ़ा सकें। तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा। खून भी एक दो बूँद नहीं इतना कि खून का एक महासागर तैयार हो जाये और उसमे मै ब्रिटिश सम्राज्य को डूबो दूँ” सुभाष चंद्र बोस का ये घोषवाक्य आज भी हमें रोमांचित करता है। यही एक वाक्य सिद्ध करता है कि जिस व्यक्तित्व ने इसे देश हित में सबके सामने रखा वह किस जीवट का व्यक्ति होगा।
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9 महीने पहले
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