💐 गाँधी जयंती शुभकामनाएं
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💐 गाँधी जयंती शुभकामनाएं

जिसको पाकर मुक्त हुआ था, भारतमाता का उपवन। आओ आज सुनाएं तुमको, बापू का निर्मल जीवन।। अठ्ठारह सौ उनहत्तर में, अक्टूबर महीना आया। तभी हुलसकर पुतली माता ने, प्यारा बेटा जाया।। पोरबंदर, दीवान करमचंद के, घर में खुशियां छाईं। नित्य नए आनंद और फिर, पढ़ने की बेला आई।। उम्र अभी छोटी ही थी पर, पिता स्वर्ग सिधार गए। करके मैट्रिक पास यहां, फिर मोहन भी इंग्लैंड गए।। पढ़-लिख मोहन हो गए, बुद्धिवान-गुणवान। ज्ञानवान, कर्तव्य प्रिय, रखे आत्मसम्मान।। जिसको पाकर..............................................।।1।। दक्षिण अफ्रीका में लड़ने को, एक मुकदमा था आया। पगड़ी धारण करके गांधी, उस वक्त अदालत में आया।। कितनी उंगली उठीं कोई, गांधी को न झुका पाया।
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1 महीने पहले
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