Ziddi_Hindustani
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समर्पण
समर्पण का मतलब है कि...
"हे ईश्वर मैं जानता हूं कि जो जो मैं चाहता हूं मुझे शायद वो नहीं मिल पा रहा
जिसके कारण मैं जिंदगी में दुखी हूं...
पर मैं यह भी जानता हूं कि इसका ये मतलब नहीं कि मैं अपने कर्म को छोड़ दूं...
मैं यह भी जानता हूं
कि मेरे जीवन में ऐसा मुझे बहुत कुछ मिला है जिसके मैं लायक नहीँ...
और उस सब के लिए मैं आपका बहुत ही आभारी हूं... "
...
और ये समर्पण की भावना पक्की कैसे होती है... मूल मंत्र पता है...???
वही...
"और देवता चित्त ना धरई...." #जय बजरंगबली #Jai Bala Ji (जय बजरंगबली हनुमान जी) #🚩II जय बजरंगबली II🚩
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