#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ ससुराल के सहयोग और दृढ़ संकल्प से राजस्थान की बहू बनी गुजरात में न्यायिक अधिकारी
सास-ससुर ने हर समय प्रेरित किया
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दीपूकंवर बताती हैं कि विवाह के बाद ससुराल में उन्हें पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग मिला। सास समद कंवर और ससुर थानसिंह हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहे। यदि वे घर का काम करने लगतीं तो ससुर स्वयं टोक देते और कहते कि पहले कुछ बनकर दिखाओ, जिम्मेदारियां बाद में निभाना।
इसी प्रेरणा के चलते वे ससुराल में एक कमरे को छात्रावास की तरह बनाकर नियमित अध्ययन करती रहीं। विवाह के समय दीपू एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। वे अपने साथ मायके से कानून की किताबें और न्यायिक अधिकारी बनने का सपना लेकर ससुराल आई थीं। शादी के केवल आठ दिन बाद ही परीक्षा होने के कारण वे वापस मायके जाकर परीक्षा में शामिल हुईं।