BANSAL TUTORIAL RAYA
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गठिया (Arthritis) से मुक्ति
आयुर्वेद के साथ Illness से Wellness तक
एक यात्रा: समस्या से समाधान की ओर
गठिया केवल जोड़ों का दर्द नहीं, बल्कि गलत जीवनशैली और शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) का परिणाम है। आयुर्वेद इसे जड़ से ठीक करने पर ज़ोर देता है 🌿
❌ Illness (समस्या): गठिया की मुख्य जड़
🔸 पेट में जमा मल और आम (टॉक्सिन्स)
पाचन ठीक न होने से आम बनता है, जो रक्त को दूषित करता है।
🔸 वात दोष का बढ़ना
वात जब जोड़ों में जमा होता है, तो सूजन, जकड़न और तेज़ दर्द पैदा करता है।
🔸 जोड़ों में जमा विष
यही विष आगे चलकर गठिया के दर्द का कारण बनता है।
✅ उपचार की शुरुआत: शरीर की शुद्धि (Detox)
🟡 अरंडी के तेल (Castor Oil) से शुद्धि
एक चम्मच अरंडी का तेल गर्म दूध के साथ लेने से
✔️ वात दोष कम होता है
✔️ पेट साफ होता है
✔️ जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है
🍲 सुपाच्य भोजन का महत्व
शरीर की शुद्धि के बाद
👉 मूंग दाल की पतली खिचड़ी
👉 हल्का, ताज़ा और गर्म भोजन
सबसे उत्तम माना जाता है।
🔄 जीवनशैली और खान-पान में बदलाव
🚫 ‘वात’ बढ़ाने वाले भोजन से परहेज़
गोभी, भिंडी, मटर, अरबी और गैस बनाने वाली दालों से दूरी बनाएँ।
🔥 गर्म पानी का चमत्कार
गठिया के मरीज़ों को साल भर
✔️ पीने के लिए
✔️ नहाने के लिए
केवल गर्म पानी का ही प्रयोग करना चाहिए।
🌿 प्राकृतिक औषधीय पत्तियाँ
खाली पेट
👉 पपीता
👉 नीम
👉 तुलसी
👉 गिलोय
के पत्तों का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है।
🌱 दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक मिश्रण
(Herbal Mixture for Pain Relief)
सामग्री | मात्रा
अश्वगंधा – 100 ग्राम
गिलोय सत्व – 100 ग्राम
सोंठ – 50 ग्राम
मीठी सुरंजन – 50 ग्राम
👉 इनका नियमित सेवन जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत देता है।
✨ निष्कर्ष
गठिया का समाधान केवल दवा में नहीं,
बल्कि सही भोजन, शुद्धि और जीवनशैली में छुपा है।
आयुर्वेद अपनाइए और Illness से Wellness की ओर बढ़िए 💚
⚠️ डिस्क्लेमर
यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी और आयुर्वेदिक जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार का आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू नुस्खा या दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य आयुर्वेदाचार्य से सलाह अवश्य लें। यह जानकारी किसी भी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है।
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