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♦️ कबीर-पीर सबन को एक सी, मूरख जानैं नाहिं।
अपना गला कटाय कै, क्यों न बसो भिश्त के माहिं।।
अल्लाह कबीर जी ने कहा है कि हर जीव को अपनी जान प्यारी होती है और गला काटने पर असहनीय दर्द होता है। यदि दूसरों का गला काटकर स्वर्ग मिलता है, तो इंसान स्वयं कष्ट झेलकर स्वर्ग क्यों नहीं जाना चाहता? #sant Ram pal Ji Mah araj
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