😎ऑल राउंडर नारी
#

😎ऑल राउंडर नारी

*जननी की जन्मदाता जननी* पायल बहुत उत्सुकता से अपनी सासु माँ के पास आयी और कहा "मम्मी ये लीजिये पौधे का बीज, मैं आपके लिये लायी हूँ, आपको बागवानी का बहुत शौक है न।" सासूमाँ ने बीज लेते हुए कहा कि *"तुझे कब से बागवानी का शौक चढ़ गया?"* पायल ने हँसते हुए कहा अपने लिये नहीं आपकी खुशी के लिये लायी हूँ। आपको देखा है मैंने आप कितनी लगन से बागवानी करती है। अपने पौधो का कितना ख्याल रखती है। सासूमाँ ने बड़े प्यार से उस बीज को एक गमले में लगा दिया। और मन से उसका ख्याल रखने लगी। समय पर पानी देना, खाद डालना, धूप बारिश से बचाना, सब बहुत प्यार और लगन से सासूमाँ करती थी। सासु माँ के साथ पायल भी उस पौधे का विशेष ख्याल रखती।सासूमाँ को थोड़ा आश्चर्य भी होता। एक दिन सासूमाँ ने पायल को आवाज़ देकर कहा "देख पायल तेरे पौधे में कली निकल आयी है।" पायल खुशी- खुशी दौड़ के उस कली को देखने गयी लेकिन कली को देखते ही रोने लगी, और रोते रोते कहा *ये तो गेंदा की कली हैं मुझे तो गुलाब चाहिए था*। सासूमाँ ने कहा कि बीज गेंदा के होंगे तो गेंदा के फूल ही न निकलेंगे, गुलाब कैसे आएंगे। लेकिन पायल ने अपनी सासु माँ की एक भी सुनी और रो रो कर सारा घर सर पे उठा लिया। सास-ससुर, पति किसी के भी कहने पर चुप ही नहीं हो रही थी और रोते ही जा रही थी। एक ही रट लगा रखी थी उसने की "मुझे गुलाब का फूल चाहिए था।" बात इतनी बढ़ गयी कि पड़ोसी, ननद, चाची सास सबको आना पड़ा। सबने मिल कर समझाया कि *तुमने जो बीज लगाया था वो गेंदा के फूल के थे, तुमने अपनी सासूमाँ को दिया उस बेचारी ने रोप दिया,अब उन्हें क्या पता था कौन से फूल खिलेंगे-गेंदा के या गुलाब के।* पायल ने अपने आँसू पोछते हुए कहा यही बात तो मैं भी समझाना चाहती हूँ अपनी सासु माँ को की मुझे भी तो नहीं पता था कि मेरे अंदर कौन सा बीज था। बेटा का या बेटी का। *अगर मैंने बेटी को जन्म दिया है तो इसमें मेरी क्या गलती है। क्यों सासूमाँ ने मेरी इस छोटी सी कली को इतना कोसा, क्यों इसके जन्म पर वे इतना रोई। इसे प्यार भी नहीं किया।* अपने पड़ोसियों, ननद और चाची सास को तरफ देख के कहा "उस समय क्यों आप लोगों ने मेरी सासूमाँ को नही समझाया, क्यों उस वक़्त आप लोग चुप थे, जब वो मेरी नन्ही कली का तिरस्कार कर रही थी और उसके जन्म पर फुट फुट कर रोई थी। *बीज धरती की कोख में स्थापित हो जाता है। इसके बाद अंकुरित होता है, पल्लवित और पुष्पित होता है, बढ़ता है और पूर्ण वृक्ष बन जाता है और पुन: अपनी सम्पूर्ण जीवनी शक्ति को बीज में स्थापित कर देता है, ताकि पुन: नया जन्म ले सके। एक सेब का बीज बड़ा पेड़ बनकर कई सेब देता है और एक सेब में कई सेब के बीज होते है। बिटिया, स्त्री,महिला जननी बनकर अनेको बिटिया,स्त्री तथा महिला को जन्म देती हैं। जननी द्वारा जननी के जन्म से ही वंशवृद्धि होती है। इसे गेंदा गुलाब की तरह बेटा बेटी में न बांटे! #😎ऑल राउंडर नारी #👩‍🎓नारी शक्ति
107 ने देखा
4 दिन पहले
#

😎ऑल राउंडर नारी

106 ने देखा
2 महीने पहले
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post