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पराली जलाने से भूसे के रूप में हम न केवल बेजुबान जानवरों का हक मारते हैं, बल्कि पराली के साथ ही मिट्टी में मौजूद अरबों की संख्या में मित्र बैक्टीरिया भी जला देते हैं। जाने-अनजाने में पराली जलाने के साथ किसान, खुद के पांव कुल्हाड़ी मारते हैं, क्योंकि डंठल के साथ फसल के लिए सर्वाधिक जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (एन.पी.के.) भी नष्ट हो जाते हैं। मेरी सभी किसान भाईयों से अपील है कि फसल अवशेष को जलाने के बजाय उससे कई अन्य लाभ लें।
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5 दिन पहले
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