अमित शाह

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Abhinav Kumar Singh
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ऐसा आर्थिक विकास जिसमें देश तो बहुत प्रगति कर ले किन्तु देशवासी पिछड़ जाए, वह सफल नहीं होता। - भारत के यशस्वी गृहमंत्री माननीय श्री अमित शाह जी #bjp #amit shah
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Abhinav Kumar Singh
1K views 1 days ago
प्रधानमंत्री मोदी जी राष्ट्र के प्रति त्याग और समर्पण की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने देश सेवा के लिए अपने घर-परिवार सारे निजी सुखों का त्याग किया है। - भारत के यशस्वी गृहमंत्री माननीय श्री अमित शाह जी #bjp #amit shah
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kaushik Samarjeet Singh "Raaz"
603 views 2 days ago
#amit shah #✋राहुल गांधी 🔵 #🌷नरेन्द्र मोदी #🌷नरेन्द्र मोदी राहुल गांधी मोदी से ज्यादा अमित शाह पर हमला क्यों कर रहे हैं? यही सवाल आज बहुत से लोगों को परेशान कर रहा है। दरअसल, राहुल गांधी सिर्फ अमित शाह को टार्गेट नहीं कर रहे, वे BJP की आने वाली लीडरशिप को रडार पर ले रहे हैं। राहुल गांधी इस बात को भली-भांति समझते हैं कि मोदी अपनी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं और चुनाव से पहले अमित शाह को पिछले दरवाजे से प्रधानमंत्री बनाने की तैयारी में है। इसलिए लड़ाई सिर्फ मोदी से नहीं है, उस चेहरे से भी है जो मोदी के बाद सत्ता संभाल सकता है। छात्र आंदोलन ने मोदी का पूरा आभामंडल मिट्टी में मिला दिया है। जंतर-मंतर पर छोटे-छोटे बच्चों की आवाज ने उनकी साख को तार-तार कर दिया। मीडिया, सोशल मीडिया और सरकारी PR के जरिए पिछले 20 साल में मोदी की जो महामानव वाली छवि गढ़ी गई थी, एक आंदोलन ने उसकी नींव हिला दी। पिछले कुछ वर्षों से मोदी ने नेपथ्य में रहकर अमित शाह की राजनीतिक छवि को लगातार मजबूत किया। संसद में धारा 370 हटाने का बिल हो, CAA हो, NRC हो या तीन तलाक—BJP का पूरा इकोसिस्टम अमित शाह को मोदी के बाद के सबसे ताकतवर चेहरे के रूप में स्थापित करने में लगा रहा। इसके संकेत 2019 में ही मिल गए थे, जब अमित शाह ने BJP अध्यक्ष का पद छोड़कर गृह मंत्री का पद संभाला। राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता को किनारे कर मोदी ने सत्ता के भीतर भविष्य का समीकरण भी काफी हद तक स्पष्ट कर दिया था। राहुल गांधी एक मंझे हुए राजनेता की तरह काम कर रहे हैं। वे जानते हैं कि मोदी और शाह ने अपने रहते BJP की सेकंड लाइन लीडरशिप को न तो गुजरात में स्वतंत्र रूप से पनपने दिया और न दिल्ली में। शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और वसुंधरा राजे जैसे बड़े नेताओं का धीरे-धीरे मुख्य सत्ता घेरे से बाहर होना हो या गुजरात में केशुभाई पटेल, सुरेश मेहता और काशीराम राणा जैसे नेताओं का अप्रासंगिक हो जाना—BJP में अगली पीढ़ी की राजनीति का सवाल हमेशा मौजूद रहा है। यही राहुल गांधी की रणनीति है। मोदी पर हमला वर्तमान को चुनौती है, अमित शाह पर हमला BJP के भविष्य को चुनौती है। राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से नासमझ समझने वाले शायद उनकी राजनीति को समझ ही नहीं पा रहे हैं। मुझे पूरा यकीन है— राहुल जल्दबाजी में नहीं, लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहे है। और आज नहीं तो कल, यह लड़ाई BJP को सिर्फ सत्ता से नहीं, उसके 1984 जैसे स्थिति तक भी ले जा सकती है। . ##कौशिक-राज़... ✍️
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