#🙏🌺जय यमुना मैया मथुरा🌺🙏
' ह्रदय सींचे यमुना धारा '
जय जय श्रीराधेकृष्ण,
हे बांके बिहारी।
प्रेम सरोवर में डूबी,
मैं तो जाऊं बलिहारी।
लाख जतन कर हारी मैं तो पिया,
लाख जतन कर हारी...
देखें जो तेरे नैनों में हर बार,
वही प्यार, वही इशारे...
लाख जतन कर हारी मैं तो पिया।
गलतियों की गुड़िया मैं तो हारी,
मिला तेरा प्यार, फिर वही नज़ारे।
गलतियां होती रहीं बार-बार,
कहते हैं आखिरी है, लेकिन हर
आखिरी पहला, ऐसा लगता है...
ह्रदय ह्रदय सींचे यमुना धारा,
लाख जतन कर हारी मैं तो पिया।
हे बांके बिहारी जी..
जो भी आया शरण में तेरी,
नैना स्नेह वर्षा बरसाये।
हे कृपा सागर मेरे,
इसीलिए तुम 'समदर्शी' नाम कहाये।
लाख जतन कर हारी मैं तो पिया।
दर्शन ..
जय जय श्री राधे कृष्ण...
हे बांके बिहारी, दे दो अपने चरणों का दर्शन।
लाख जतन कर हारी मैं तो पिया।
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