Ajay Sharma
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मैं मर नहीं रहा हूँ, बल्कि स्वतंत्र भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूँ।
महान क्रांतिकारी
राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जी
* की जयंती पर शत् शत् नमन ।। 🙏🙏
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फांसी के फंदे को चूमने से पहले ये शब्द थे भारत मां के वीर सपूत राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जी के, जिनका आज जन्मदिवस है।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से इतिहास के छात्र रहे लाहिड़ी जी ने अपनी कलम और बंदूक दोनों से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।
जन्म : 29 जून 1901
मृत्यु : 17 दिसंबर 1927 (गोंडा जेल, उत्तर प्रदेश)
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रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और चंद्रशेखर आजाद जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर उन्होंने 'काकोरी ट्रेन एक्शन' को अंजाम दिया।
पिता : क्षिति मोहन लाहिड़ी
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अंग्रेजों में उनका ऐसा खौफ था कि तय तारीख से दो दिन पहले ही उन्हें गोंडा जेल में फांसी दे दी गई।
माता : बसंता कुमारी देवी
आज उनकी जयंती पर हम देश के इस महान क्रांतिकारी के चरणों में अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। देश आपके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
जन्म स्थान : पबना ज़िला (तत्कालीन बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत; वर्तमान बांग्लादेश) ।। 🙏🙏
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#राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जी #काकोरी ट्रेन एक्शन
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