🌷..chauhan..💐🌺
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!!पति और पत्नी!! पति का नाम भरोसा है, पत्नी का नाम समर्पण। पति-पत्नी एक दूजे पर कर देते हैं सब अर्पण।। पति के उदास होते ही पत्नी के आँसू निकलते हैं। सुख-दुख के साथी है दोनों गिरते और संभलते हैं।। नोक-झोंक भी इस रिश्ते की एक निशानी होती है। रूठने और मनाने से मशहूर कहानी होती है।। जीवन रुपी गाड़ी के दो पहिये कभी नहीं बदलते हैं। सुख-दुख के साथी है दोनों, गिरते और संभलते हैं।। 'हम दो हमारे दो' की घड़ी सुहानी आती है। पुत्र पिता का, पुत्री माँ की, बचपन फिर से लाती हैं।। सोलह संस्कारों में 'विवाह' को सब शास्त्र श्रेष्ठ समझते हैं सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। महल हो या जंगल 'सियारामजी' मिलकर रहते हैं। सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। दो अनजाने मिलते हैं, संग-संग मिलकर चलते हैं। सुख-दुख के साथी हैं दोनों, गिरते और संभलते हैं।। लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
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!!मैं अकेला था!! मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था, एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था, एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी, और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था!! लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺
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