विश्व-कीट-जागरुकता-दिवस

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सुशील मेहता
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अन्तरराष्ट्रीय अभिलेख दिवस प्रत्येक वर्ष 9 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2007 में हुई थी। मानव सभ्यता के विकास के साथ आम आदमी की जिंदगी में दस्तावेज यानी अभिलेख का महत्व बढ़ता गया। हर आदमी अपने दैनिक जीवन में अभिलेखों को सहेजता और संवारता है। ये अभिलेख आपका राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आपकी डायरी कुछ भी हो सकता है। हमारे-आपके सहेजे ऐसे ही दस्तावेज और अभिलेख कई बार पूरे समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे ही अभिलेखों के संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हर साल 9 जून को अंतरराष्ट्रीय अभिलेख दिवस मनाया जाता है। हिमाचल के राजाओं की रियासत और सियासत से जुड़े दुर्लभ अभिलेख अब एक क्लिक पर पढ़े जा सकेंगे। अभिलेखों को बार-बार देखने से उनके नष्ट होने का भी अब कोई खतरा नहीं रहेगा। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने सदियों पुराने अभिलेखों को संरक्षित करने की योजना तैयार की है। अभिलेखों को आधुनिक तकनीक की मदद से संरक्षित किया जा रहा है। अब प्रदेश के ऐतिहासिक दस्तावेजों और भूमि व संपत्तियों की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में देखा जा सकेगा। एक क्लिक से ही प्रदेश के सदियों पुराने इतिहास के पन्ने तलाश किए जा सकेंगे। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग का अभिलेखागार इस कार्य में जुट गया है। ब्रिटिश काल में शिमला में बने भवनों से जुड़े दस्तावेजों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। अभी तक ऐसे दस्तावेजों को फाइलों में बांधकर कमरों में रखा गया था। इन दस्तावेजों में अंग्रेजों के जमाने की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां भी शामिल हैं। ऐसे कुछ दस्तावेजों की हालत काफी खराब हो चुकी है। इसे सुरक्षित रखने के लिए ही अब इसकी डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू किया गया है। अभिलेखों की डिजिटाइजेशन होने से शोधकर्ताओं को काफी मदद मिलेगी। इनकी डिजिटाइजेशन न होती तो शायद शोधककर्ताओं कई चीजों से वंचित रहना पड़ता। अब इससे उन्हें शोध करने में आसानी होगी। फाइलों को बार-बार खोलने और पन्नों को बदलने से उनके नष्ट होने का खतरा भी कम होगा। #जागरूकता दिवस
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सुशील मेहता
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विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 'विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस' प्रतिवर्ष '8 जून' को मनाया जाता है। इस दिवस को सबसे पहले 'जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन (डॉयचे हिरनट्यूमरहिल्फ़)' द्वारा मनाया गया था। चिकित्सा विशेषज्ञों का यह मानना है कि विश्व भर में हर दिन एक लाख में से दस लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं। 'ब्रेन ट्यूमर दिवस' पर विश्व के अनेक देशों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, जिनमें इस बीमारी के लक्षणों और इसके उपचार के बारे में आवश्यक जानकारियाँ दी जाती हैं। ब्रेन ट्यूमर सबसे घातक बीमारियों में गिनी जाती है। मस्तिष्क कैन्सर' यानी 'ब्रेन ट्यूमर' एक खतरनाक रोग है। समय रहते इसका उचित इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है। जब मानव शरीर में कोशिकाओं की अनावश्यक वृद्धि हो, लेकिन शरीर को इन अनावश्यक वृद्धि वाली कोशिकाओं की आवश्यकता न हो, तब इस अवस्था को ही कैंसर के नाम से जाना जाता है। ब्रेन के किसी हिस्से में पैदा होने वाली असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि ब्रेन ट्यूमर के रूप में प्रकट होती है। आखिर ब्रेन ट्यूमर होता क्‍या है और इसके लक्षण क्‍या हैं यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है, ताकि समय रहते इसका उपचार कराया जा सके. दरअसल, मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और यही ब्रेन ट्यूमर कहलाती हैं. यानी मस्तिष्‍क की कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने पर गांठ बन जाती है, यही ब्रेन ट्यूमर होता है. ब्रेन ट्यूमर की समस्‍या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्‍योंकि कई बार यह कैंसर की गांठ भी हो सकती है। #जागरूकता दिवस
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सुशील मेहता
529 views 2 days ago
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2018 में खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से अपनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने इस साल के लिए कोई थीम जारी नहीं की थी। तभी से प्रतिवर्ष 7 जून को इस दिन का आयोजन किया जाने लगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं खाद्य और कृषि संगठन इस क्षेत्र से संबंधित अन्य संगठनों के सहयोग से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने के लिए मिलकर काम करते हैं। World Food Safety Day दुनियाभर में हर साल 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस यानी वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day) मनाया जाता है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मानने का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करना है। हर साल दूषित भोजन खाने की कमी से हजारों लोगों की जान चली जाती है। वहीं कई लोग खराब भोजना का सेवन करने की वजह से गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहते है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और खाद्य और कृषि संगठन (FAO) को खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी दी है। खाद्य सुरक्षा का मतलब है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिले। आज भी कई सारे देशों में लोगों को ऐसा भोजन मिलता है जिसकी गुणवत्ता का कोई स्तर नहीं होता है। यह आहार लोगों को बीमार करता है जो कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण में यह सुनिश्चित करने में खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है कि भोजन कितना सुरक्षित रहता है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में लगभग 10 में से 1 व्यक्ति दूषित भोजन का सेवन करने से बीमार पड़ जाता है। #जागरूकता दिवस
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