1 अप्रैल की न्यूज
पैन और आधार कार्ड को लिंक करने की समय सीमा पर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके चलते अब पैन को आधार से लिंक करने की समय सीमा 31 मार्च से बढ़ाकर 30 सिंतबर कर दी गई है। इसे लेकर रविवार को केंद्र सरकार ने घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने इसकी समय सीमा 6 महीने के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले केंद्र सरकार ने साल 2018 में जून में समय सीमा बढ़ाई थी। पिछले साल इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दी गई थी। सीबीडीटी ने इसे लेकर जानकारी दी है। आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी करा सकते हैं लिंक आधार संख्या को पैन के साथ लिंक करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2019 1. सीबीडीटी ने बताया कि आधार संख्या को पैन के साथ लिंक करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2019 है। इसके 1 अप्रैल से प्रभावी होने के साथ ही अनिवार्य कर दिया गया है कि जो लोग आयकर रिटर्न भर रहे हैं उन्हें अपने आधार नंबर की जानकारी देनी होगी और इसे लिंक करवाना होगा। गौरतलब है कि सीबीडीटी ने पहले जानकारी देते हुए कहा था कि 31 मार्च तक आधार और पैन कार्ड लिंक ना होने पर पैन कार्ड अमान्य हो सकते हैं। आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी लिंक किया जा सकता है पैन 2. इसी के बाद सरकार ने इस पर दोबारा विचार किया। इसी के बाद फैसला लिया गया कि आधार और पैन को लिंक करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर कर दी जाए। इसके लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को ऑनलाइन भी लिंक कर सकते हैं या किसी आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी लिंक करवा सकते हैं। आधार की आधिकारिक वेबसाइट uidai.gov.in पर जाकर लिंक करवा सकते हैं।
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1 अप्रैल की न्यूज - खुशखबरी / 30 सितंबर तक करा सकते हैं । पैन कार्ड को आधार से लिंक , CBDT ने बढ़ाई समय सीमा A AADHAL - ShareChat
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4 महीने पहले
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1 अप्रैल की न्यूज

ठाकुर
#1 अप्रैल की न्यूज 🚩 *"अप्रैल फूल" की वास्तविकता जानकर आपके उड़ जायेंगे होश* 31 मार्च 2019 www.azaadbharat.org *🚩भारतवासी अधिकतर अनजाने में ऐसे त्यौहार मनाते है कि उनको वास्तविकता पता ही नहीं होती है और अपनी ही संस्कृति का नाश कर लेते हैं, अंग्रेज भले ही चले गए हों लेकिन उन्होंने जो भारतीय संस्कृति का नाश करने के लिए अनेक षडयंत्र किये थे वो आज भी भारत मे प्रचलित है और भारतीय अनजाने में उसका शिकार बनते हैं ।* *🚩ऐसे ही भारत में प्रचलित है "अप्रैल फूल" मनाना, आइये आज आपको उसकी वास्तविकता से अवगत कराते हैं, अप्रैल फूल की सच्चाई जानकर आप भी उससे नफरत करने लगेंगे ।* *🚩भारत देश को जब अंग्रेजों ने गुलामी की जंजीरों से जकड़ लिया था तब उन्होंने पूर्ण प्रयास किया कि भारतीय संस्कृति को मिटाया जाए, भारतीय पहले सृष्टि के उद्गम दिवस पर ही हर साल नववर्ष मनाते थे जो करीब अप्रैल महीने की शुरुआत में ही आता था इसको नष्ट करने के लिए ईसाई अंग्रेजो ने 1 जनवरी को नया साल भारतवासियों पर थोप दिया फिर भी भारतवासी उसी दिन ही नववर्ष मना रहे थे जिसके कारण अंग्रेजों ने 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस घोषित कर दिया ।* *🚩आपको बता दें कि भारतीय सनातन कैलेंडर,जिसका पूरा विश्व अनुसरण करता है उसको मिटाने के लिए 1582 में पोप ग्रेगोरी ने नया कैलेंडर अपनाने का फरमान जारी कर दिया था जिसमें 1 जनवरी को नया साल के प्रथम दिन के रूप में बनाया गया।* *🚩जिन भारतवासीयों ने इसको मानने से इंकार किया, उनका 1अप्रैल को मजाक उड़ाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे 1अप्रैल नया साल का नया दिन होने के बजाय मूर्ख दिवस बन गया ।* *🚩अप्रैल फूल मतलब हिन्दुओं को मूर्ख बनाना । ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है ।* *🚩भारत में आज भी बही खाते और बैंक के हिसाब-किताब 31मार्च को बंद होते हैं और 1 अप्रैल से नये शुरू होते है। क्योंकि हमारा नववर्ष भी उसी समय के दौरान आता है।* *🚩भारत में अंग्रेजों ने विक्रम संवत का नाश करने के लिए ही 1 जनवरी को नया साल थोपा और अप्रैल में आने वाले हिन्दू नववर्ष की मजाक उड़ाने के लिए ही "अप्रैल फूल" मनाना शुरू किया मतलब हिन्दुओं को मूर्ख बनाये जिससे वे खुद का नया साल भूल जाये ।* *🚩अंग्रेज़ो की यह साजिश थी जिससे 1अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम दिया ताकि भारतीय संस्कृति मूर्खता भरी लगे ।* *🚩अब आप स्वयं सोचे कि आपको अप्रैल फूल मनाना चाहिए या अपनी हिन्दू संस्कृति का आदर करना चाहिए।* *🚩अप्रैल माह के आस पास ऐतिहासिक दिन और त्यौहार:-* *🚩हिन्दुओं का पावन महिना इन दिनों से ही शुरू होता है (चैत्री शुक्ल प्रतिपदा) हिंदुओं के रीति -रिवाज़ सब इन दिनों में कलेण्डर के अनुसार बनाये जाते है। महाराजा विक्रमादित्य की काल गणना इन दिनों से ही शुरू होती है ।* *भगवान श्री रामजी का अवतरण दिवस भी इन दिनों में आता है। भगवान झूलेलाल, भगवान हनुमानजी, भगवान महावीर, भगवान स्वामीनारायण आदि का प्रागट्य दिवस भी इन दिनों में ही आता हैं ।* *🚩अंग्रेज ईसाई सदा से भारतीय सनातन संस्कृति के विरुद्ध थे इसलिए हिंदुओं के त्योहारों को मूर्खता का दिन कहते थे । पर अब हिन्दू भी बिना सोचे समझे बहुत शान से अप्रैल फूल मना रहे है।* *🚩कुछ भारतवासी आज अपनी ही संस्कृति का मजाक उड़ाते हुए अप्रैल फूल मना रहे हैं ।* *🚩भारतवासी अब "अप्रैल फूल" किसी को बनाकर गुलाम मानसिकता का सबूत ना दें ।* *🚩आज देश विरोधी ताकते हमारे महान भारत देश को तोड़ने के लिए अनेक साज़िशें रच रही हैं, जिसमें अधिकतर मीडिया, टीवी, फिल्मे, चलचित्रों, अखबार, नॉवेल, इंटरनेट आदि के माध्यम से भारतवासियों को अपने संस्कृति से दूर ले जाने का भरपूर प्रयास चल रहा है, लेकिन हम क्यों अपनी महान संस्कृति भूलकर अंग्रेजो की गुलामी वाली प्रथा अपना रहे है ।* *🚩 सभी भारतीयों से नम्र निवेदन है कि अपनी संस्कृति के अनुसार ही पर्व त्यौहार मनाये अभी जितनी भी अंग्रेजो वाली प्रथायें है वे बन्द करे और भारतीय संस्कृति के अनुसार जो भी प्रथायें हैं उनको शुरू करें ।*
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4 महीने पहले
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