#हम तो पूछेंगे
तानाशाही का भी एक चरित्र होता है यह पहले करिश्माई व्यक्तित्व से शुरू होकर फिर देश की सारी संस्थाओं पर हावी हो जाता है फिर एक दृष्टिकोण गढ़ा जाता है जिसे सारे राष्ट्र पर मढ़ दिया जाता है और यही वो स्थिति होती है जहां से धीरे धीरे संवाद और विरोध की परंपरा खत्म कर दी जाती है और उसकी जगह एक तय निष्ठा और निर्धारित राष्ट्रवाद ले लेता है फिर जन्म लेता है चाइना जैसा विकाश और नॉर्थ कोरिया जैसा राष्ट्रवाद, जहां लोकतंत्र अपने मायेने खो देता है। अमेरिका और रूस भी आर्थिक तानाशाही का एक प्रखर उदहारण हैं। #पर इन सब बातों से हमें क्या लेना देना! #हमने पेट्रोल थोड़ी ही पीना है #तो क्या अगर सुप्रीम कोर्ट की टप्पणी को एक अध्यादेश से पलट दिया जाता है #देश में भीड़ तंत्र का राज हो जाए #जातिगत द्वेष भावना फैलाई जा रही हो #प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो दिखाने में या सास बहू के सीरियल में आगे क्या होने वाला है इसमें ज्यादा दिलचस्पी रखता हो #तो क्या अगर कोई साधु ११२ दिन अनशन के बाद सत्ता की जबरदस्ती से मर जाता है #हमको इससे क्या प्रांतवाद के चलते लाखों लोग अपना रोजगार छोड़ वापस जाने पर मजबूर किये जा रहे हों। #क्या विकाश की यही अवधारणा होती है।
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#हम तो पूछेंगे

#हम तो पूछेंगे - DEMOCRACY IS UNDER ATTACK AIL AROUND THE WORLD - ShareChat
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1 साल पहले
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