अंतरराष्ट्रीय

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डॉ अशोक
857 views 24 days ago
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की अगुवाई में सिख डेलीगेशन नई दिल्ली स्थित ईरान एम्बेसी जाकर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर दुख जताया। भारत और ईरान के रिश्ते गहरी ऐतिहासिक बुनियाद पर बने हैं…#अंतरराष्ट्रीय #सियासत पर नजर #war #🗞️पॉलिटिकल अपडेट #शिरोमणी अकाली दल
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Parmod Jain
5K views 1 months ago
"US-इजरायल की एयरस्ट्राइक से ईरानी गर्ल्स स्कूल तबाह! 85 छात्राओं की मौत दक्षिणी ईरान के मिनाब में एक गर्ल्स स्कूल पर कथित अमेरिका-इजरायल एयरस्ट्राइक में 85 छात्राओं की मौत की खबर IRNA ने दी है। ईरान की सुरक्षा परिषद ने कई ठिकानों पर हमले का दावा करते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू होने की बात कही। एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद और सरकारी दफ्तर आधी क्षमता से चलाए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन देश की रक्षा के लिए हमलों का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।" "इजरायल ने ईरान के पर हमला बोल दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम ईरान की बढ़ती खतरनाक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले के बाद 85 छात्राओं की मौत हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार यह हमला हालिया सैन्य अभियान के दौरान हुआ।" "ईरान में स्कूल-कॉलेज बंद, सरकारी दफ्तर आधी क्षमता से चलेंगे ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने दावा किया कि आज सुबह अमेरिका ने जियोनिस्ट शासन के साथ मिलकर देश के कई स्थानों पर हवाई हमले किए। परिषद ने कहा कि दुश्मन को लगता है कि इन कार्रवाइयों से ईरानी जनता दबाव में आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा। बयान में कहा गया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जरूरी सामान और सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात के तौर पर अगली सूचना तक स्कूल और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे, जबकि बैंक अपनी सेवाएं जारी रखेंगे और सरकारी कार्यालय फिलहाल 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम करेंगे।" "'हम युद्ध नहीं चाहते थे': ईरान ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और जियोनिस्ट शासन ने देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए कई रक्षा प्रतिष्ठानों, बुनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया है। मंत्रालय के अनुसार, संभावित सैन्य खतरे के बावजूद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विभिन्न देशों के साथ संवाद का रास्ता चुना ताकि तनाव टाला जा सके और अपनी स्थिति स्पष्ट की जा सके। बयान में कहा गया कि ईरानी जनता ने युद्ध से बचने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में देश की रक्षा करना और दुश्मन की सैन्य कार्रवाई का मुकाबला करना अनिवार्य हो गया है। मंत्रालय ने दोहराया कि जैसे ईरान बातचीत के लिए तैयार था, वैसे ही वह किसी भी युद्ध का जवाब देने में सक्षम है और उसकी सशस्त्र सेनाएं हमलावरों को कड़ा और निर्णायक जवाब देंगी. साथ ही कहा गया कि इतिहास गवाह है, ईरान ने कभी बाहरी हमलों के आगे घुटने नहीं टेके और इस बार भी प्रतिक्रिया ऐसी होगी कि हमलावर अपने कदम पर पछताएंगे।" #अंतरराष्ट्रीय
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