श्रीमद्भागवत

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sn vyas
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#कर्म #कर्म ही पूजा है #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #श्रीमद्भागवत #श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक ॐ 🙏🙏🛐ॐ श्री परमात्मने नमः🛐🙏🙏 🙏कर्म का सिद्धांत पुस्तक से 🙏 🌺 भाग 1️⃣9️⃣ 🌺 🏹🎻🪔📝🦚🔥🦚📝🪔🎻🏹 🥰कौन से क्रियमाण कर्म संचित में जमा होते नहीं ?🥰 *निम्नलिखित कर्म संचित में जमा होते नहीं-* *(1) अज्ञान अवस्था में किए हुए कर्म।* *(2)अभान अवस्था में किए हुए कर्म ।* *(3)मनुष्य के अलावा योनि में किए हुए कर्म ।* *(4)कर्तापन के अभिमान रहित किए हुए कर्म।* *(5) समष्टि के कल्याण के किए हुए कर्म ।* *(6)निष्काम कर्म।* क्रमश ✍🏽
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sn vyas
733 views 9 days ago
🙏कर्म का सिद्धांत पुस्तक से 🙏 🌴#भाग_३०/३ 🏹🎻🪔📝🦚🔥🦚📝🪔🎻🏹 🦚 संचित कर्मों से कैसे मुक्त हो सकते हैं ? 🦚 गतांक से आगे कर्म योग से क्रियमाण कर्मों पर काबू पाया जा सकता है। और भक्ति योग से प्रारब्ध कर्मों को पूर्ण रूप से भोग सकते हैं। इसी तरह ज्ञान योग से अनेक जन्मों के संचित कर्मों को भस्म सात् कर सकते हैं और ऐसा करके कर्म योग ,, भक्ति योग,, ज्ञान योग से जीव मात्र सभी क्रियमाण,, प्रारब्ध और संचित कर्मों से मुक्त होकर इसी जीवन काल के अंत में मोक्ष प्राप्त कर सकता है । संचित कर्मों को ज्ञानाग्नि से जला कर भस्म किया जा सकता है। *भगवान ने गीता में स्पष्ट कहा है कि-----* *यथैधांसि समिद्धोग्नि: भस्मसात् कुरुतेऽर्जुन।* *ज्ञानाग्नि: सर्व कर्माणि भस्मसात कुरुते तथा ॥* *(गीता 4--37 )* *जिस तरह अग्नि में पतली-- मोटी , गीली और सूखी , लंबी और छोटी , हर प्रकार की लकड़ी जल जाती है , उसी तरह ज्ञानाग्नि में डाले गए सभी प्रकार के शुभ अशुभ क्रियमाण,, प्रारब्ध और संचित कर्म जलकर भस्म हो जाते हैं, तथा जीव को मोक्ष प्राप्त हो जाता है ,, अर्थात जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है।* क्रमश कल नया भाग पढ़ेंगे ✍🏽 #कर्म #कर्म ही पूजा है #श्रीमद्भागवत #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏💐श्रीमद्भागवत गीता💐🙏 bhagwat geeta
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