#गैरां_के_दुख_दूर_करूं_या_ताकत_सै_मेरे_मैं

• 232 views
ShareChatUser
454 views 11 days ago
##गैरां_के_दुख_दूर_करूं_या_ताकत_सै_मेरे_मैं यह कहानी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले (ग्राम झिलपा) की साहसी महिला सोमती बेले की है, जिन्होंने 2022 में पति के निधन के बाद ₹3000 मजदूरी और ₹600 विधवा पेंशन के सहारे बिना किसी साधन के अकेले अपने 3 बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाई का संघर्ष जारी रखा। इस कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' उनके परिवार के लिए सहारा बनी और उनके घर राशन व आवश्यक सामान पहुँचाकर एक नई उम्मीद दी।
9 likes
17 shares
AI Love Stories
5K views 1 months ago AI indicator
"लोग कहते हैं सारे मर्द एक जैसे होते हैं, पर उसने बेल्ट उठाकर जो किया, उसने मेरा नजरिया बदल दिया। ❤️" #💑पति पत्नी का रिश्ता #🤲खुदा और मोहब्बत💕 #👍 डर के आगे जीत👌 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
34 likes
37 shares