#🙏 वृंदावन धाम #🌺फुलेरा दूज 🪔 लाडले लाल जू 😍 लाडली राधेरानी सरकार जू 😘के विवाहोत्सव की अशेष शुभकामनाएं 🥳😍💗😘🤌🧿 राधे राधे ♥️ एक दिन, नंद बाबा शिशु कृष्ण को लेकर गाय चराने के लिए भंडीरवन गए। जब नंद आराम करने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठे, तभी भयंकर तूफान चलने लगा और चारों ओर अंधेरा छा गया। नंद अपने पुत्र की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। कृष्ण भी डरे हुए प्रतीत हुए और भय से नंद बाबा को गले लगा लिया। तभी, नंद ने सुंदर गोपी राधा को अपने दिव्य रूप में तूफान से अपनी ओर आते देखा। वह सौंदर्य से दमक रही थीं। यह जानकर कि यह एक खेल है, नंदा ने शिशु को राधा को सौंप दिया और कहा कि वह जानते हैं कि वह कृष्ण को बहुत प्रिय हैं। उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के साथ आनंद ले सकती हैं और उसके बाद शिशु को यशोदा के घर वापस छोड़ देंगी । राधा शिशु कृष्ण को देखकर बहुत प्रसन्न हुईं अचानक, उनके सामने एक महल प्रकट हुआ। महल रत्नों और माणिकों से जगमगा रहा था। फिर उन्होंने देखा कि शिशु कृष्ण उनकी गोद से गायब हो गए और उनके सामने आभूषण और मुकुट पहने एक सुंदर युवक प्रकट हुआ। उन्होंने तुरंत समझ लिया कि यह कृष्ण का दिव्य रूप है। कृष्ण ने राधा की प्रशंसा की और उनके प्रति अपने गहरे प्रेम को स्वीकार किया। उन्होंने राधा से कहा कि वह कृष्ण की पराकाष्ठा थीं। राधा ने अपने विरह का दर्द कृष्ण से साझा किया, जिस पर कृष्ण ने उन्हें सांत्वना दी और प्रतीक्षा करने को कहा, क्योंकि वे उन्हें प्रसन्न करेंगे। उसी क्षण ब्रह्मा उनके सामने प्रकट हुए और उनके मार्गदर्शन में पवित्र अग्नि के सामने बैठकर वैदिक मंत्रों का जाप करते हुए दंपति का विवाह संपन्न कराया। इस विवाह समारोह को गंधर्व विवाह कहा जाता है। इसके बाद, कृष्ण और राधा ने आनंदमय लीलाओं में एक साथ समय बिताया। कुछ समय बाद, कृष्ण फिर से शिशु रूप में लौट आए और राधा से वादा किया कि वे अपनी प्रेममय लीलाओं के लिए भंडीरवान लौटते रहेंगे। इसके बाद, राधा शिशु कृष्ण को उनकी माता यशोदा के पास वापस ले गईं।
अपना वादा हर वर्ष फूलेरा दूज को निभाते हैं 😍 तब से ही हर वर्ष फूलेरा दूज पर राधा कृष्ण विवाह उत्सव मनाया जाता है 🙇जय श्री कृष्ण मनोहारिणी 🤌🧿
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 राधा रानी #📜 Whatsapp स्टेटस @जमींदार जा8 😎 @🇮🇳Miss Chocolate🇮🇳 @😇DIWANI 🕉️ महादेव की🥰 @꧁🌸𝐊𝐮𝐫𝐤𝐮𝐫𝐞🌸꧂