3 सितम्बर की न्यूज़
#3 सितम्बर की न्यूज़ #📺 ब्रेकिंग न्यूज भारतीय महिला क्रिकेटरमिताली राज ने मंगलवार को टी-20 अंतरराष्ट्रीयसे संन्यास की घोषणा की। मिताली ने कहा, ’2006 से टी-20में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद मैं इस फॉर्मेट से संन्यास लेती हूं। इससे2021 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर ध्यान दे सकूंगी।" मिताली ने महिला टी-20 में भारत की ओर 89 मैच में सबसे ज्यादा 2364 रन बनाए हैं। देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने का सपना अभी अधूरा- मिताली मिताली ने कहा- देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने का मेरा सपना अभी अधूरा है और मैं इसमें अपना बेहतर देना चाहती हूं। मैं बीसीसीआई का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे लगातार सहयोग दिया।दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली अगली सीरीज के लिए भारतीय टी-20 टीम को शुभकामनाएं देती हूं। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत कीटॉप-5 महिला स्कोरर खिलाड़ी मैच रन औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक मिताली राज 89 2364 37.52 96.33 0 17 हरमनप्रीत कौर 96 1910 28.08 103.21 1 6 स्मृति मंधाना 58 1298 24.96 119.08 0 9 पूनम राउत 35 719 27.65 92.17 0 4 वेदा कृष्णमूर्ति 59 686 18.05 101.21 0 1 मिताली मिताली ने 32 टी-20 मैचों में कप्तानी की मिताली राज टी-20 में भारत महिला टीम की पहली कप्तान थीं। यह मैच 2006 में डर्बी में खेला गया था।उन्होंने32 टी-20 मैंचों में भारत का नेतृत्व किया था। इसमें 2012, 2014 और 2016 में आयोजित टी-20 महिला वर्ल्डकपशामिल हैं। मिताली टी-20में 2000 का आंकड़ा छूनेवाली पहली भारतीय महिला हैं। उन्होंने 2016 में आखिरी बार टीम का नेतृत्व किया था। मिताली-हरमनप्रीत विवाद पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में टीम प्रबंधन और हरमनप्रीत ने मिताली को नहीं खिलाने का फैसला किया था। भारतीय टीम वह मैच हार गई थी। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। मिताली ने टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाए थे। फिर भी उन्हें अंतिम एकादश से बाहर रखा गया। बाद में भारत वह मुकाबला भी हार गया था। मिताली ने तत्कालीन कोच रमेश पोवार की सीओए से शिकायत भी की थी। नतीजन रमेश पोवार का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया गया। उनकी जगह डब्ल्यूवी रमन को कोच बनाया गया था।
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3 सितम्बर की न्यूज़ - महिला क्रिकेट / मिताली ने अंतरराष्ट्रीय टी - 20 से संन्यास लिया , इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारतीय मिताली ने टी - 20 फॉर्मेट में 89 मैच में सबसे ज्यादा 2364 रन बनाए • मिताली ने कहा - 2021 वर्ल्ड कप पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संन्यास की घोषणा की - ShareChat
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2 महीने पहले
#3 सितम्बर की न्यूज़ सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अयोध्या भूमि विवाद मामले में 18वें दिनसुनवाई हुई। इस दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि तमिलनाडु और राजस्थान के दो लोगों की ओर से उन्हें धमकियां मिल रही हैं। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया। धवन ने याचिका में कहा है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी करने पर तमिलनाडू के प्रोफेसर एन षण्मुगम की ओर से उन्हें 14 अगस्त को धमकी भरा पत्र मिला था। जबकि राजस्थान के संजय कलाल बजरंगी ने उन्हें वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा था। धवन के मुताबिक, आरोपियों ने उनके साथ घर और कोर्ट परिसर में रोक-टोक करने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ इस तरह का बर्ताव कोर्ट की अवमानना औरआपराधिक मामला है। सुप्रीम कोर्ट तथ्यों के आधार पर फैसला दे: धवन मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि आजादी और संविधान की स्थापना के बाद किसी भी धार्मिक स्थान का परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। महज स्वयंभू होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकते हैं कि अमुक स्थान किसी का है। सुप्रीम कोर्ट से कहना मैं चाहूंगा कि इस मामले में तथ्यों के आधार पर फैसला दिया जाए। 1934 में निर्मोही अखाड़ा ने गलत तरीके से विवादित जमीन परकब्जा किया था। तब वक्फ निरीक्षक कि ओर से इस पर रिपोर्ट भी दी गई थी। शुक्रवार को सुनवाई से ब्रेक लेंगे राजीव धवन धवन ने कहा कि आज अयोध्या पर सुनवाई का18वां दिन है और 18वें दिन से कोर्ट में महाभारत शुरू हो रही है। धवन ने 18वां दिन इसलिए कहा, क्योंकि बीच में एक दिन सुनवाई टाली गई थी। इससे पहले धवन ने पिछली सुनवाइयों के दौरान अपने व्यवहार पर कोर्ट से माफी भी मांगी थी। धवन ने सप्ताह के बीच में बुधवार को खुद के लिए ब्रेक की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि उनके लिए लगातार दलीलें देना मुश्किल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शुक्रवार को ब्रेक लेने की अनुमति दी। 17वें दिन की सुनवाई में क्या हुआ सोमवार को 17वें दिन की सुनवाई में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा किविवादित स्थल पर मंदिर का कोई सबूत नहीं है। भारतीय पुरातत्व विभाग सर्वेक्षण (एएसआई) भी यह साबित नहीं कर पाया है। हिंदू पक्षकारों ने में लोगों द्वारा परिक्रमा करने की दलील दी है, लेकिन यह कोई सबूत नहीं है। #📰 अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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3 सितम्बर की न्यूज़ - अयोध्या / मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा पैरवी करने पर धमकी मिली , सुप्रीम कोर्ट ने 2 लोगों को नोटिस जारी किया - ShareChat
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2 महीने पहले
#3 सितम्बर की न्यूज़ इस्लामाबाद.कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान खान और उनके मंत्री आए दिन भारत को परमाणु बम की धमकी दे रहे हैं। सोमवार दोपहर पाक प्रधानमंत्री के रुख में नाटकीय बदलाव दिखा। उन्होंने कहा- पाकिस्तान किसी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। इमरान के इस बयान को भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के मीडिया ने फौरन लपक लिया। बात बढ़ी तो पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का ट्वीट आया। इसमें अपने ही प्रधानमंत्री के बयान का खंडन किया गया। इसमें कहा गया- पाकिस्तान की परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ। प्रधानमंत्री के बयान को गलत समझा गया। इमरान की कही थी नई बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कई बार भारत को परमाणु हमले की धमकी दे चुके हैं। सोमवार दोपहर के पहले उन्होंने कभी ये नहीं कहा था कि उनका मुल्क पहले इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा। लेकिन, सोमवार को उनका रुख बदला। एक समारोह में कहा, “हम पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। भारत-पाक दोनों के पास एटमी हथियार हैं। अगर हमारे बीच तनाव बढ़ता है तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा होगा।” प्रधानमंत्री की बात विदेश मंत्रालय को मंजूर नहीं इमरान का बयान उनके ही विदेश मंत्रालय को पसंद नहीं आया। प्रधानमंत्री के बयान को मीडिया में काफी तवज्जो मिली। सोमवार रात को ही पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्र‌वक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैजल का ट्वीट आ गया। उन्होंने इमरान के बयान का खंडन कर दिया। फैजल ने कहा, “परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच जंग पर प्रधानमंत्री के बयान का गलत मतलब निकाला गया है। इस तरह के हथियार संपन्न दो देशों के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए। लेकिन, पाकिस्तान की परमाणु नीति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।” Dr Mohammad Faisal ✔ @ForeignOfficePk Prime Minister’s comments on Pakistan’s approach towards conflict between two nuclear armed states are being taken out of context. While conflict should not take place between two nuclear states, there’s no change in Pakistan’s nuclear policy. 1,314 11:47 pm - 2 सित॰ 2019 Twitter Ads की जानकारी और गोपनीयता 477 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं राजनाथ सिंह का बयान भी अहम भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 अगस्त को जैसलमेर में पोकरण शक्ति स्थल का दौरा किया था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने एक अहम बयान दिया। रक्षा मंत्री ने कहा था, “नो फर्स्ट यूज- आज तक हमारी न्यूक्लियर पॉलिसी यही है। भविष्य में क्या होगा, वो सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है।” राजनाथ के इस बयान पर पाकिस्तान में काफी बवाल मचा था। भारत की परमाणु नीति के अनुसार, वो किसी भी देश के खिलाफ पहले इस ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। दूसरी तरफ पाकिस्तान है। उसने अपनी नीति को कभी उजागर नहीं किया।
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3 सितम्बर की न्यूज़ - पाकिस्तान / इमरान खान के बयान पर विदेश । मंत्रालय की सफाई , कहा - हमारी परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं - ShareChat
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2 महीने पहले
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