28 मार्च की न्यूज
इस्लामाबाद. पुलवामा हमले में जैश का हाथ होने के और ज्यादा सबूत मांगने के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि हमें भारत की बताई 22 जगहों पर कोई आतंकी कैंप नहीं मिला है। पाकिस्तान ने बुधवार को शुरुआती जांच की जानकारियां इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त से साझा की थीं। इससे पहले भारत ने 27 फरवरी को दिल्ली में पाक उच्चायुक्त को पुलवामा हमले के संबंध में डॉजियर सौंपा था। भारत ने बालाकोट समेत पीओके की 22 जगहों पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप होने के सबूत भी दिए थे। पाक ने कहा कि उन्होंने भारत द्वारा बताई गई 22 जगहों पर जांच की, लेकिन उन्हें वहां कोई आतंकी कैंप नहीं मिला। अगर भारत हमसे कहेगा तो उसे इन जगहों का दौरा करने और निरीक्षण की इजाजत दे सकते हैं। पाकिस्तान ने मांगे थे सबूत 1. पाकिस्तान ने दावा किया- हिरासत में लिए गए 54 लोगों के पुलवामा हमले से जुड़े होने का कोई विवरण नहीं मिला है। अभी भी उनकी जांच की जा रही है। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। 2. पाक ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त से पुलवामा हमले में जैश का हाथ होने और पाकिस्तान में जैश के आतंकी कैंप होने के सबूत मांगे थे। 27 फरवरी को भारत ने सौंपा था डॉजियर 3. भारत ने दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को 27 फरवरी को पुलवामा हमले के संबंध में डॉजियर सौंपा था। भारत ने पाकिस्तान को हमले के पीछे जैश का हाथ होने के बारे में पुख्ता जानकारियां दी थीं। इसके अलावा भारत ने पाक में जैश के कैंप और उनके लीडरों के होने के भी सबूत सौंपे थे। आईएसआई ने मसूद को सेफ जोन में छिपाया- सूत्र 4. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पुलवामा में फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जैश के सरगना मसूद अजहर को 'सेफ जोन' में छिपा दिया था। अजहर को 17-18 फरवरी यानी पुलवामा हमले के बाद रावलपिंडी से बहावलपुर के नजदीक कोटघानी भेजा गया था। आईएसआई ने उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पुलवामा में जब हमला हुआ उस वक्त अजहर रावलपिंडी में सेना के अस्पताल में भर्ती था। पाक में मसूद के जमात-उद-दावा पर शिकंजा कसा 5. पुलवामा हमले और भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद पाक सरकार ने मात-उद-दावा और फला-ए-इंसानियत के मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया था। प्रतिबंधित संगठनों के 100 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए थे और 182 मदरसों को सरकारी नियंत्रण में ले लिया गया था। रिपोर्टर:- सरोज राजा बिहार।
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4 महीने पहले
इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने भारत से पुलवामा हमले में जैश का हाथ होने के और सबूत मांगे हैं। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त से इस बात के भी सबूत मांगे गए कि पाकिस्तान में जैश के आतंकी कैंप हैं। पाकिस्तान ने कहा कि हमने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत से और ज्यादा जानकारियां मांगी हैं। 27 फरवरी को भारत ने सौंपा था डॉजियर भारतीय उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय के सचिव ने बुलाया था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि उच्चायुक्त को पुलवामा हमले के संबंध में शुरुआती जांच की जानकारियां बताई गईं। यह जानकारियां भारत की फाइल के परीक्षण के बाद सौंपी गईं। भारत ने दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को 27 फरवरी को पुलवामा हमले के संबंध में डॉजियर सौंपा था। भारत ने पाकिस्तान को हमले के पीछे जैश का हाथ होने के बारे में पुख्ता जानकारियां दी थीं। इसके अलावा भारत ने बताया था कि पाक में जैश के कैंप और उनके लीडरों के होने के भी सबूत सौंपे थे। आईएसआई ने मसूद को सेफ जोन में छिपाया- सूत्र खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पुलवामा में फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जैश-ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को 'सेफ जोन' में छिपा दिया था। अजहर को 17-18 फरवरी यानी पुलवामा हमले के बाद रावलपिंडी से बहावलपुर के नजदीक कोटघानी भेजा गया था। आईएसआई ने उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पुलवामा में जब हमला हुआ उस वक्त अजहर रावलपिंडी में सेना के अस्पताल में भर्ती था। पाक में मसूद के जमात-उद-दावा पर शिकंजा कसा पुलवामा हमले और भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद पाक सरकार ने मात-उद-दावा और फला-ए-इंसानियत के मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया था। प्रतिबंधित संगठनों के 100 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए थे और 182 मदरसों को सरकारी नियंत्रण में ले लिया गया था। https://b.sharechat.com/HZaNX07SpV?referrer=otherShare
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28 मार्च की न्यूज - @ thekhabri007 ShareChat पुलवामा / पाक ने हमले में जैश का हाथ होने के भारत से और सबूत मांगे • भारत ने पाकिस्तान को सबूत दिए थे कि उनके मुल्क में जैश के कैंप और लीडर हैं । • पाकिस्तान ने कहा - प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हमें और ज्यादा जानकारी चाहिए # 28 मार्च की न्यूज इस्लामाबाद . पाकिस्तान ने भारत से पुलवामा हम . . . Google Play GET IT ON - ShareChat
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4 महीने पहले
वॉशिंगटन. अमेरिका ने मुस्लिमों के प्रति दोहरी नीति के कारण चीन की जमकर आलोचना की है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बुधवार को कहा- चीन अपने घर में लाखों मुसलमानों को प्रताड़ित करता है, लेकिन हिंसक इस्लामिक आतंकी समूहों को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध से बचाता है। पॉम्पियो का इशारा जाहिर तौर पर चीन द्वारा पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर रोड़े अटकाने को लेकर था। ANI ✔ @ANI United States Secretary of State Mike Pompeo: The world cannot afford China’s shameful hypocrisy toward Muslims. On one hand, China abuses more than a million Muslims at home, but on the other it protects violent Islamic terrorist groups from sanctions at the UN. ANI ✔ @ANI United States Secretary of State Mike Pompeo: China has detained more than one million Uighurs, ethnic Kazakhs, and other Muslim minorities in internment camps in Xinjiang since April 2017. China must release all those arbitrarily detained and end its repression. (File pic) View image on Twitter 2,466 8:41 AM - Mar 28, 2019 Twitter Ads info and privacy 1,115 people are talking about this पॉम्पियो ने कहा- चीन ने शिनजियांग प्रांत में 2017 से अब तक 10 लाख से ज्यादा उइगरों, कजाखों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। हाल ही में चीन ने खुद दावा किया था कि शिनजियांग प्रांत में 2014 से अब तक करीब 13 हजार आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं। चीन ने मसूद चौथी बार बचाया था पिछले दिनों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन चीन ने इसमें टेक्निकल होल्ड लगाकर चौथी बार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया था। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने मसूद पर कार्रवाई का समर्थन किया था। एक बार फिर तीनों देश प्रस्ताव के ड्राफ्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। ये प्रस्ताव यूएनएससी के सभी 15 सदस्यों को दिया गया है और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर प्रस्ताव पर एकराय बनती है तो मसूद पर ट्रैवल बैन, संपत्ति सीज होने जैसी कई कार्रवाई हो सकती हैं। जैश ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इस दौरान करीब 350 आतंकी मारे जाने का दावा किया गया था। शिनजियांग में एक करोड़ उइगर हैं शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है। वे यहां बहुसंख्यक हैं। चीन ने इस प्रांत को स्वायत्त घोषित किया है। इसकी सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों से सटी हैं। प्रांत में उइगर आबादी का अनुपात कम करने के लिए चीन की सरकार ने यहां पर हान समुदाय के लोगों को बसाना शुरू किया है। 10 लाख से ज्यादा उइगरों को हिरासत में रखा गया है।
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28 मार्च की न्यूज - | मसूद का मुद्दा । अमेरिका ने कहा - चीन घर में मुसलमानों को प्रताड़ित करता है , यूएन में आतंकियों को बचाता है । । अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो । - ShareChat
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4 महीने पहले
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