जब अमेरिका या यूरोप में कोई नई मेडिकल टेक्नोलॉजी बनती है, तो हमारे देश में उसकी खबरें आग की तरह फैल जाती हैं... लेकिन जब अपने ही देश का एक प्रोफेसर करोड़ों की विदेशी मशीनों को धूल चटाने वाली स्वदेशी तकनीक बना देता है, तो शांति छा जाती है! 😔🏥⚡
हम बात कर रहे हैं IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अर्जुन अरुणाचलम (Dr. Arjun Arunachalam) की। उन्होंने अपने स्टार्टअप Voxelgrids Innovations के तहत भारत की पहली पूरी तरह स्वदेशी 1.5 Tesla MRI स्कैनर मशीन बनाकर इतिहास रच दिया है!
इस स्वदेशी MRI स्कैनर की खास बातें आपको हैरान कर देंगी:
💰 40% सस्ती: विदेशी कंपनियों से मिलने वाली महँगी MRI मशीनों की तुलना में यह करीब 40% सस्ती पड़ती है, जिससे अब आम और गरीब मरीजों के स्कैन के दाम बहुत कम हो जाएँगे।
❄️ बिना लिक्विड हीलियम (Helium-Free): पारंपरिक मशीनों को ठंडा रखने के लिए करोड़ों का लिक्विड हीलियम लगता है, लेकिन इसमें उसकी ज़रूरत ही नहीं है।
🚚 हल्की और कॉम्पैक्ट: यह वजन में 50% हल्की है, जिसे गाँव, छोटे कस्बों और दूर-दराज के हस्पतालों में भी आसानी से भेजा और लगाया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट का लोहा मानते हुए इसे Tata Trusts और Zoho (श्रीधर वेम्बू) जैसी दिग्गज हस्तियों का समर्थन और फंडिंग मिली है। इतना ही नहीं, यह मशीन सिर्फ कागजों पर नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन में असली मरीजों के स्कैन के लिए चालू भी हो चुकी है!
अगर भारत को सच में आत्मनिर्भर बनना है, तो हमें विदेशों का मुँह ताकने की बजाय डॉ. अर्जुन अरुणाचलम जैसे भारत के सच्चे सपूतों की कद्र करनी होगी।
देश का मान बढ़ाने वाले इस महान वैज्ञानिक और उनकी टीम को हमारा कोटि-कोटि सलाम! 🇮🇳🏥🙌
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