ज़कात
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ज़कात

roshan
#ज़कात 🕋 *हमारा प्यारा इस्लाम* 🕋 👉– इस्लाम कहता है कि तुम्हारी मेहनत की कमाई से 2.5% गरीबों को देना हर हालत में जरूरी है। 👉-इस्लाम कहता है कि तुम लोगों की मदद करोगे तो खुदा तुम्हारी मदद करेगा। जो कुछ भी तुम अपने लिए चाहते हो वही सबके लिए भी चाहो तो ही एक सच्चे मुसलमान बन सकते हो। 👉– इस्लाम कहता है कि रमजान में तुम एक महीने तक सुबह से शाम भूखे और प्यासे रहो ताकि तुम्हें एहसास हो सके कि भूख और प्यास क्या होती हैं। 👉-इस्लाम कहता है कि तुम्हारे घर बेटी पैदा हो तो दुखी मत होना क्योंकि बेटियाँ तो खुदा की रहमत (इनाम) है और जो अपनी मेहनत की कमाई से अपनी बेटी की परवरिश करे और उसकी अच्छे घर में शादी कराए तो वह जन्नत में जायेगा। 👉– इस्लाम कहता है कि सबसे अच्छा आदमी वो है जो औरतों के साथ सबसे अच्छा सुलूक करता है। 👉– इस्लाम कहता है कि विधवाएं मनहूस नहीं होती। इन्हें भी एक बेहतर जीवन जीने का पूरा अधिकार है। इसलिए विधवाओं और उनके बच्चों को अपनाओ। 👉– इस्लाम कहता है कि ऐ मुसलमानों जब नमाज पढ़ो तो एक दूसरे से कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़े रहो क्योंकि तुम सब आपस मे बराबर हो। तुम में से कोई छोटा या बड़ा नहीं है। 👉– इस्लाम कहता है कि ऐ मुसलमानों अपने पड़ोसियों से अच्छा बर्ताव करो। चाहे तुम उन्हें जानते हो या न जानते हो। और खुद खाने से पहले अपने पड़ोसी को खाना खिलाओ। 👉– इस्लाम कहता है कि शराब और जुआं सारी बुराइयों की जड़ है। इनसे अपने आपको दूर रखें। 👉– इस्लाम कहता है कि मजदूर का पसीना सूखने से पहले पहले उसकी मजदूरी दे दो और कभी किसी गरीब और अनाथ की बददुआ न लेना नहीं तो बरबाद हो जाओगे। 👉– इस्लाम कहता है कि अपने आपको जलन से दूर रखो क्योंकि ये तुम्हारे (नेकियों) अच्छे कामों को ऐसे बरबाद कर देती है जैसे दीमक लकड़ी को। 👉– इस्लाम कहता है कि सबसे बड़ा जिहाद ये है कि कोई व्यक्ति अपनी इच्छाओं को मारे और अपने आप से लड़े। 👉– इस्लाम कहता है कि अगर खुश रहना चाहते हो तो किसी अमीर को मत देखो बल्कि गरीब को देखो तो खुश रहोगे। लोगों से अच्छा बर्ताव करना सबसे बड़ा नेक आमाल है। 👉-इस्लाम कहता है कि हमेशा नैतिकता और सच्चाई के रास्ते पर चलो। बोलो तो सच बोलो। वादा करो तो निभाओ और कभी किसी का दिल मत दुखाओ। 👉– इस्लाम कहता है कि सबसे बुरी दावत वह है जिसमें अमीरों को तो बुलाया जाता हैं, पर गरीबों को नहीं बुलाया जाता। 👉– पानी को ज़रूरत तक ही इस्तेमाल करना और बिना वजह पानी का दुरूपयोग करना गुनाह है। 👉– रास्ते में अगर कोई तक़लीफ़ देने वाली वस्तु (पत्थर,कील) हो तो उसे किनारे करना जिससे दूसरों को तकलीफ न हो। 👉– इस्लाम कहता है कि अन्जान महिलाओं पर नज़र पड़े तो आँखें नीची कर लो क्योंकि गैर महिलाओं को बुरी नजर से देखना गुनाह है।
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6 महीने पहले
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