ममता की मूरत, प्रेम की पराकाष्ठा माता यशोदा जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।🙏🏻
यशोदा जयंती भगवान श्री कृष्ण की माता यशोदा के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को आता है, जो आज 7 फरवरी 2026 को है ।
*यशोदा जयंती का महत्व*
माता यशोदा को वात्सल्य भाव की देवी माना जाता है, जिन्होंने भगवान कृष्ण को अपने पुत्र की तरह पाला-पोसा। यह पर्व मातृत्व, निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। यशोदा जयंती पर व्रत रखने और पूजा करने से संतान सुख, पारिवारिक प्रेम, सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है ¹ ³ ⁴।
*यशोदा जयंती पूजा विधि*
1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
2. माता यशोदा और बाल गोपाल की तस्वीर या मूर्ति को लाल कपड़े पर रखें।
3. सिंदूर, रोली, फूल, माला, अक्षत आदि अर्पित करें।
4. माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
5. घी का दीपक जलाएं और विधिवत आरती करें।
6. प्रसाद बांटें और व्रत का पारण करें।
*यशोदा जयंती की कथा*
पौराणिक कथा के अनुसार, माता यशोदा ने पूर्व जन्म में भगवान विष्णु की घोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने वरदान मांगने को कहा। यशोदा जी ने भगवान से अपने पुत्र के रूप में जन्म लेने का वरदान मांगा। अगले जन्म में भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लिया और माता यशोदा के पास पहुंचे🙏🏻
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