🔖 यूपीएससी रिजल्ट 2019
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🔖 यूपीएससी रिजल्ट 2019

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7 महीने पहले
यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज के अंतिम नतीजे शुक्रवार काे घाेषित कर दिए। इसमें अाईअाईटी मुंबई से बीटेक कनिष्क कटारिया ने टाॅप किया है। मेरिट में पांचवें नंबर पर सृष्टि जयंत देशमुख हैं जाे कि महिलाअाें में अव्वल रही हैं। दूसरे नंबर पर राजस्थान के अक्षत जैन अाैर तीसरे नंबर पर यूपी के जुनैद अहमद हैं। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल इलाके दंतेवाड़ा की रहने वाली नम्रता जैन को 12वीं रैंक मिली है, जबकि बिलासपुर के वर्णित नेगी को 13वीं रैंक मिली है। ये भी पढ़ें अब यूपीएससी का 2 बार भरना होगा आवेदन फाॅर्म टाॅपर राजस्थान के कटारिया अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी से हैं। उन्हाेंने गणित काे वैकल्पिक विषय चुना था। उन्हाेंने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के साथ बी.टेक किया है। इस समय वे बेंगलुरू में डेटा साइंटिस्ट के ताैर पर काम कर रहे हैं। परीक्षा में सफल 759 उम्मीदवाराें में से 577 पुरुष अाैर 182 महिलाएं हैं। यूपीएससी ने इनकी सिफारिश अाईएएस, अाईपीएस, विदेश सेवा सहित अन्य केंद्रीय सेवाअाें में नियुक्ति के लिए की है। 759 उम्मीदवाराें में सामान्य श्रेणी से 361, ओबीसी 209, एससी 128 और एसटी के 61 परीक्षार्थी शामिल हैं। इस परीक्षा में शीर्ष 25 में जगह बनाने वाले परीक्षार्थी इंजीनियरिंग, विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, इतिहास, राजनीति शास्त्र, लोक प्रशासन और वाणिज्य विषय से हैं। इन्होंने आईआईटी, एनआईटी, एनएलयू, बीआईटीएस पिलानी, डीयू, मुंबई यूनिवर्सिटी, अन्ना यूनिवर्सिटी और पुणे यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। यूपीएससी ने इस बार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 180 पद, भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 30 पद, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 150 पद, सेंट्रल सर्विस ग्रुप ए के लिए 384 पद, ग्रुप बी सर्विस के 68 पदों के लिए तीन चरणाें में परीक्षा कराई थी। जुनून- महज एक रैंक से आईएएस बनने से चूकी थी तय कर लिया था इस बार टॉप-10 में आकर रहूंगी दंतेवाड़ा से हूूं इसलिए जब यूपीएससी की तैयारी का सोचा तो मन में आया कि दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के बड़े संस्थानों में पढ़ने वालों से मुकाबला कैसे करूंगी। लेकिन परिवार का सपोर्ट मिला। 2016 में 99वीं रैंक आने के बावजूद आईएएस न बन पाने पर 3 दिन रूम से बाहर नहीं निकली थी। अफसोस इस बात का था कि अच्छा करने के बावजूद महज एक रैंक की वजह से आईएएस बनने से चूक गई थी। मैंने तय किया- इस बार टॉप-10 में आकर रहूंगी ताकी आईएएस अवॉर्ड हो सके। इस बार सिंगल डिजिट तो नहीं ला सकी, पर आईएएस बनने का सपना पूरा करने में कामयाब रही। जब तक आईएएस की ट्रेनिंग शुरू नहीं होती, तब तक मैं आईपीएस की ट्रेनिंग जारी रखूंगी। - नम्रता जैन 2016 में नम्रता को जनरल कैटेगिरी कैंडिडेट होने की वजह से आईपीएस कैडर अलॉट हुआ था। ओबीसी कैटेगिरी के चंद्रकांत वर्मा 352वीं रैंक हासिल करने के बावजूद आईएएस अफसर बनने में कामयाब रहे थे। जिद- यूपीएससी के लिए नौकरी छोड़ दिल्ली पहुंचे, पिछली बार 504वीं रैंक आने पर रेलवे में पोस्ट हुए, ट्रेनिंग में ही की तैयारी पिछली बार मेरा चयन इंडियन रेलवे सर्विसेज के लिए हुआ था और आरपीएफ में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर पोस्टिंग हुई थी। अभी लखनऊ में ट्रेनिंग ले रहा हूं। यह मेरा दूसरा प्रयास था। जशपुर में जन्मा और 7वीं तक वहीं पढ़ा। फिर हम बिलासपुर आ गए। यहां 10वीं तक पढ़ाने के बाद इंजीनियरिंग की तैयारी करने कोटा चला गया। यहां 12वीं तक पढ़ा। बीटेक कर्नाटक से की। पढ़ाई के दौरान ही कैंपस सलेक्शन के जरिए पॉवर ग्रिड काॅर्पोरेशन में जॉब मिल गई। पर मन नहीं लगा इसलिए इस्तीफा देकर दिल्ली चला गया। वहां यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पिछली बार 504वीं रैंक मिली थी। लखनऊ में ट्रेनिंग के दौरान ही यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। और इस बार 13वीं रैंक मिली है।-वर्णित नेगी प्रदेश से ये भी हुए सिलेक्ट| हमारे प्रदेश के अजय चौधरी को 545 रैंक मिली है। पिछली बार भी अजय को कामयाबी मिली थी, उन्हें आईआरएस अवॉर्ड हुआ था। पिथौरा के योगेश कुमार पटेल को 592वीं रैंक मिली है। पिछली बार उन्हें आईपीएस अवाॅर्ड हुआ था। इस बार रैंक कमजोर रही।
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🔖 यूपीएससी रिजल्ट 2019 - यूपीएससी / फाइनल नतीजे जारीः कनिष्क कटारिया ने किया टॉप , 5वीं रैंक पर सृष्टि देशमुख मत्यमेव जयते UPSC Union Public Service Commission । प्रतीकात्मक फोटो । - ShareChat
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