horror story
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horror story

ये कहानी भेजी है अलीगढ से शमीम ने., ये किस्सा मेरे परिवार के एक बड़े चाचा जी के साथ हुआ था आज से करीब 5-6 साल पहले या शायद इससे भी पहले. सर्दियों के दिन थे और उन दिनों अँधेरा भी जल्दी ही हो जाता था. तू हुआ यूँ की चाचा जी एक शाम मग़रिब की नमाज अदा करके मस्जिद से घर वापिस आ रहे थे. मस्जिद हमारे घर से दो गली छोड़ के तीसरे वाली गली में थी. जो बीच वाली गली थी वो बहुत पतली और सुनसान रहती थी, और वहां कोई आया जाया नहीं करता था. Horror Stories In Hindi. Ghost Stories In Hindi.Horror Stories In Hindi. Horror Stories In Hindi. Horror Stories In Hindi. Horror Stories In Hindi तो चाचा जी जैसे ही उस गली में घुसे उन्होंने देखा की सामने से एक साइकिल का टायर अपने आप चलता हुआ उनके पास आ रहा है. जबकि उस गली में उस वक़्त कोई नहीं था बिलकुल सुनसान गली थी. उन्होंने सोचा की शायद कोई बच्चा खेल रहा होगा और उसका टायर यहाँ आ गया होगा जैसा की आमतौर पर बच्चे टायर से खेलते हैं. Horror Stories In Hindi. Ghost Stories In Hindi. Hindi Horror Stories. तो चाचा जी भी गली में आगे बढ़ते रहे, और वो टायर भी धीरे धीरे घूमता हुआ उनकी तरफ आने लगा. चाचा जी को कुछ अजीब लगा, और उन्होंने ध्यान से उस टायर को देखा. Horror Stories In Hindi. Ghost Stories In Hindi. Hindi Horror Stories. फिर क्या था, उनके देखते ही वो टायर वहीं रुक गया. नोर्मल्ली अगर टायर ऐसे घूम रहा है और रुकता है तो नीचे गिर जाता है. लेकिन वो टायर बिलकुल सीधा खड़ा था. फिर देखते ही देखते वो टायर चाचा जी की आँखों के सामने अपनी Shape Change करने लगा और किसी जंगली जानवर की आकृति लेने लगा. की वो किसी बड़े काले कुत्ते के जैसा लग रहा था. कुत्ते की आकृति नीचे से बननी शुरू हुई. पहले उसके पंजे, पैर फिर धीरे धीरे पूरा बनने लगा. कुछ ही मिंटो बाद वो टायर पूरा कुत्ता बन चुका था. Horror Stories In Hindi. Ghost Stories In Hindi. और सीधा सामने खड़े चाचा जी की तरफ घूर रहा था. ये देखते ही चाचा जी के होश उड़ गए और वो पसीना पसीना हो गए. वो हिलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन डर के मारे हिल भी नहीं पा रहे थे. Horror Stories In Hindi. Ghost Stories In Hindi. वो बस चुपचाप वहां खड़े थे खम्बे की तरह. फिर कुछ पलो बाद वो कुत्ता गली के साथ में बनी झाड़ियों में कूद गया. चाचा जी इतना डर गए थे की उसके बाद भी हिलने की हिम्मत नहीं कर पाए और करीब एक घंटे तक वहीँ खड़े रहे. करीब एक घंटे बाद उस गली से कोई गुजर रहा था, तो उसने चाचा जी से पूछा की वहां क्यों खड़े हो, तब जाके चाचा जी को होश आया. इसके बाद चाचा जी घर आये और हमें पूरा किस्सा सुनाया. इसके बाद करीब 3-4 दिन तक चाचा जी को बहुत तेज बुखार रहा. सोचता हूँ तो यकीन नहीं होता की ऐसे कैसे हो सकता है. लेकिन हमारे चाचा जी बहुत समझदार इंसान हैं और बहादुर भी हैं. उन्होंने जरूर कुछ न कुछ देखा था उस रात. 🌋
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5 महीने पहले
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