दुःख

49 Posts • 246K views
Naman News
790 views 21 days ago
#दर्दनाक #सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला #सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश #दुख उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का 32 साल का एक नवजवान, जो 13 साल से कोमा में था. अब वह अपनी इच्छामृत्यु पा सकेगा. माता-पिता ने इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी. अब उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम धीरे-धीरे हटा दिया जाएगा, जिससे वो इस पीड़ादायक जिंदगी से छुटकारा पा सकें. इस बीच हरीश राणा के पिता अशोक और माता निर्मला की जो तस्वीरें और बयान सामने आ रहे हैं, वो हर इंसान का कलेजा चीर दे रहे हैं. सवाल भी उठा रहे हैं. हरीश राणा के पिता अशोक के कुछ शब्द तो ऐसे हैं, जो अंदर तक झकझोर दे रहे हैं और कर्म चक्र को शाश्वत सत्य बता रहे हैं. अक्सर बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि पिछले जनम का कुछ बाकी रहा होगा. हरीश के पिता अशोक राणा का दर्द कुछ ऐसे ही छलका. उन्होंने कहा कि शायद पिछला कुछ लेन-देन बाकी था. जो ये सब सह रहा हूं. अब बेटे की शांतिपूर्वक विदाई चाहता हूं. हमारी भावनाओं का सम्मान करें. मानवता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सही फैसला दिया है. उन्हें आदेश की आधिकारिक कॉपी नहीं मिली है, लेकिन कुछ अन्य सूत्रों से जानकारी मिली है. जैसे ही आदेश पढ़ेंगे, पूरी स्थिति साफ हो जाएगी.
13 likes
8 shares