New india

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Bikram
556 views 23 days ago
यह सवाल नया नहीं है, लेकिन हर दौर में फिर से उठता है—क्या राजनीति सच में सेवा है या एक पेशा बन चुकी है?🇮🇳 राजनीति की शुरुआत “जनसेवा” के विचार से हुई थी, जहां नेता जनता की आवाज़ बनकर काम करते थे। लेकिन समय के साथ इसमें सुविधाएं, वेतन और पेंशन जुड़ते गए, जिससे लोगों को यह नौकरी जैसा लगने लगा।🇮🇳 अगर इसे सेवा कहा जाए, तो सवाल उठता है कि फिर इतनी सुविधाएं क्यों? और अगर इसे नौकरी माना जाए, तो फिर इसके लिए कोई तय योग्यता या परीक्षा क्यों नहीं? यही कन्फ्यूजन लोगों के मन में बहस को जन्म देता है।🇮🇳 असल में राजनीति दोनों का मिश्रण है—यह सेवा भी है और जिम्मेदारी भी। यहां डिग्री से ज्यादा जरूरी होता है जनता का भरोसा। चुनाव ही इसकी “परीक्षा” है, जहां जनता तय करती है कि कौन योग्य है.. 🇮🇳 लेकिन आज के समय में सबसे जरूरी है पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही। क्योंकि चाहे इसे सेवा कहें या नौकरी, आखिर में इसका असर सीधे लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।🇮🇳🇮🇳✍️ #Politics #India #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📒 मेरी डायरी #india #💓 मोहब्बत दिल से
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smk
527 views 4 days ago
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