रेल में भेड़-बकरी की तरह ठूंस दिए गए लोग | बारिश और ठंड में कांपता मज़दूर |मजबूरी का सफर या मौत को दावत?
"घर की गरीबी मिटाने के लिए जब एक बेटा परदेस कमाने निकलता है, तो रास्ते में उसे 'इंसान' नहीं, 'सामान' समझा जाता है।
इस वीडियो को देखिए—बारिश की बौछारें सीधा शरीर पर पड़ रही हैं, लड़का ठंड से थर-थर कांप रहा है, लेकिन ट्रेन में तिल रखने की जगह नहीं है। हमने टिकट के पैसे दिए हैं, खैरात नहीं मांगी! पर फिर भी हमें जानवरों की तरह कोच में भर दिया जाता है।
रामायण में शबरी के बेर भी प्रेम से स्वीकार किए गए थे, लेकिन आज की व्यवस्था में एक गरीब की आह सुनने वाला कोई नहीं है। मैंने रेलवे प्रशासन से शिकायत की है, पर क्या एक आम आदमी की आवाज़ इन बंद कमरों तक पहुँचेगी?
कमेंट में बताएं—क्या यही डिजिटल इंडिया का असली चेहरा है?"#RailMantri #Justice #PoorPeopleStruggle #TrainAccidentRisk #VoiceOfCommonMan #IndianGovernment #SocialMediaPower #ViralPost #HelpIndianLabour
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