नया वायरस का प्रकोप

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Parmod Jain
983 views 14 days ago
मोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला से निपटने के लिए बढ़ती निगरानी के साथ-साथ नए मामले भी सामने आ रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने बताया क‍ि अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 101 मामले पुष्ट हैं। डीआरसी के इतुरी प्रांत में यह बीमारी सबसे ज्यादा फैल रही है। टेड्रोस ने बताया कि इस इलाके में करीब 50 लाख लोग रहते हैं और यहां लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। इनमें से हर चार में से एक व्यक्ति को मानवीय मदद की जरूरत है और हर पांच में से एक व्यक्ति अपना घर छोड़कर विस्थापित हो चुका है। डीआरसी-युगांडा में इबोला अलर्ट बढ़ा टेड्रोस ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्ट में कहा कि हिंसा के कारण लोग लगातार भाग रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्यकर्मी और मदद करने वाले लोग भी शामिल हैं। इससे इबोला के मरीजों की पहचान करने और संपर्क ट्रेसिंग करने में बहुत दिक्कत हो रही है। समय पर बीमारी पकड़ में न आने से इलाज भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि डर और असुरक्षा की वजह से लोगों के बीच भरोसा कम हो रहा है, जिससे काम और मुश्किल हो गया है। डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ और ह्यूमनिटेरियन हेल्थ पार्टनर्स ने अभी भी इतुरी के कई इलाकों में मौजूद हैं, जिनमें कुछ बहुत दूर और असुरक्षित जगहें भी शामिल हैं। वहां लोग सिर्फ इबोला ही नहीं बल्कि कई दूसरी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। टेड्रोस ने कहा कि वहां पूरी स्वास्थ्य सेवाएं देना बहुत जरूरी है, ताकि लोगों की तुरंत जरूरतें पूरी हों और साथ ही भरोसा भी बने, जो इबोला से लड़ने के लिए बहुत जरूरी है। 16 मई 2026 को टेड्रोस ने कहा था कि डीआरसी और युगांडा में इबोला वायरस का यह प्रकोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' (पीएचईआईसी) घोषित किया गया है। 22 मई को डब्‍ल्‍यूएचओ ने इसका जोखिम स्तर राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ज्यादा कर दिया, क्षेत्रीय स्तर पर 'उच्च' और वैश्विक स्तर पर 'कम' रखा। डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, इबोला एक गंभीर बीमारी है जो अक्सर जानलेवा भी हो सकती है और यह इंसानों तथा कुछ जानवरों (जैसे बंदर) को प्रभावित करती है। यह वायरस आमतौर पर जंगली जानवरों (चमगादड़, साही और कुछ बंदर) से इंसानों में फैलता है। इसके बाद यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, जब किसी संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, शरीर के तरल पदार्थ या उसके संपर्क में आई चीजों (जैसे कपड़े, बिस्तर) से संपर्क से भी फैल सकता है। #वायरस
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