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Parmod Jain
76K views • 1 months ago
6 करोड़ में बिक रहा है अंडकोष! रील देखते ही शख्स ने काट डाला लड़के का प्राइवेट पार्ट, नहीं मिला कोई भी खरीददार सोशल मीडिया पर फैल रही गलत और सनसनीखेज जानकारी ने एक बार फिर अपनी खतरनाक सीमा दिखा दी है। मध्य प्रदेश के भोपाल में एक किशोर की हत्या का मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर वायरल रील के फेक दावे के आधार पर यह जघन्य अपराध किया। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक ने रील में देखा कि मानव अंडकोष विदेशों में करोड़ों रुपये में बिकते हैं। इस झूठे दावे से प्रेरित होकर उसने और उसके साथियों ने एक किशोर को निशाना बनाया। हत्या के बाद वे अंग बेचने की कोशिश में जुट गए लेकिन उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। पूरा मामला महज सोशल मीडिया के एक झूठ पर आधारित था। दंग रह गई पुलिस भोपाल पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तारियां की हैं। मुख्य आरोपी बीबीए का छात्र बताया जा रहा है जिसने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर साथियों को यकीन दिलाया था। रील में फैलाई गई अफवाह के अनुसार किशोर के अंग से भारी रकम मिलने का लालच दिया गया था. पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। किसी अंग तस्करी नेटवर्क या खरीददार का कोई सबूत नहीं मिला। यह घटना सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और यूजर्स की सावधानी दोनों पर सवाल उठाती है। हर दिन सैकड़ों रील और पोस्ट वायरल होते हैं जिनमें अतिरंजित, झूठे या खतरनाक दावे होते हैं। कुछ लोग इन्हें बिना सोचे-समझे सच मान लेते हैं और वास्तविक जीवन में अंजाम तक पहुंचा देते हैं। इस मामले में एक निर्दोष किशोर की जान चली गई सिर्फ इसलिए क्योंकि कुछ लोगों ने फेक रील पर भरोसा कर लिया था। चली गई मासूम की जान मृत किशोर पेन और चाभी के छल्ले बेचकर अपनी मां का सहारा बनता था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। आरोपियों ने उसे छोटी रकम के लालच में एकांत जगह ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अंग को कुछ दिनों तक रखा और खरीददार न मिलने पर उसे भी फेंक दिया। यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि डिजिटल युग की एक बड़ी समस्या को सामने लाता है। गलत सूचना कितनी तेजी से फैलती है और कैसे वास्तविक नुकसान पहुंचा सकती है। पुलिस और विशेषज्ञ बार-बार आगाह करते हैं कि वायरल दावों पर अंधविश्वास ना करें खासकर जब बात शरीर के अंगों या अवैध गतिविधियों की हो। अंग तस्करी जैसी अफवाहें समय-समय पर सोशल मीडिया पर घूमती रहती हैं। इनमें अक्सर विदेशी बाजारों और भारी रकम का जिक्र होता है ताकि लोग आकर्षित हों। सच्चाई यह है कि मानव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त गंभीर अपराध है और ऐसे दावे ज्यादातर फर्जी होते हैं। #भोपाल
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