संत एकनाथ महाराज नाथषष्टी

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Parmod Jain
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तीन लाशें, एक चिता... और अंतिम विदाई में कोई अपना नहीं। वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र में मुखर्जी परिवार की कहानी का सबसे दर्दनाक पहलू सिर्फ तीन मौतें नहीं हैं, बल्कि उसके बाद सामने आई रिश्तों की खामोशी है। महाराष्ट्र के रायगढ़ से 7 अगस्त को वाराणसी पहुंचे 55 वर्षीय विशाल मुखर्जी, उनकी पत्नी जया मुखर्जी और बेटे ईशान मुखर्जी के लिए कुछ ही दिनों में हालात पूरी तरह बदल गए। 9 अगस्त की रात विशाल की तबीयत बिगड़ी और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई। अगले दिन होम स्टे में उनकी पत्नी जया और बेटे ईशान की भी मौत हो गई। पुलिस ने रिश्तेदारों से संपर्क किया। प्रयागराज में रहने वाली विशाल की बहन ने बताया कि करीब 12 साल पहले ही भाई-भाभी से उनके संबंध टूट चुके थे। अन्य रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन कोई अंतिम संस्कार में शामिल होने वाराणसी नहीं आया। तीन दिन तक पुलिस इंतजार करती रही। #वाराणसी
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