जय श्री बंबावदागढ़ बालाजी दरबार 🙏🏼🙏🏼

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, बाप घर के दरख़्त होते हैं।" "पिता वो ढाल है, जो हर मुसीबत बच्चों पर आने से पहले खुद पर झेल लेता है।" "मुझे छांव में रखा और खुद धूप में जलते रहे, मैंने देखा है एक फरिश्ता पिता के रूप में।" "मंजिल दूर और सफ़र बहुत है, छोटी सी ज़िन्दगी की फिकर बहुत है, मार डालती है दुनिया की नज़रें, लेकिन पिता की दुआओं में असर बहुत है।"miss you papa ji😭 #😦Miss यू........❤️ #😞mood off #😞अकेलापन #😒झूठी दुनिया😓 #😒अनकही बातें
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