☀️ हर सुबह सूर्यदेव एक ही संदेश देते हैं—रात कितनी भी कठिन रही हो, प्रकाश फिर लौटता है।
एक व्यक्ति कई दिनों से परेशान था। कुछ परिस्थितियाँ उसके अनुकूल नहीं थीं और कुछ अपने, जिनसे उसे साथ की उम्मीद थी, कठिन समय में दूर हो गए।
रविवार की सुबह उसने उगते सूर्य को देखा और मन ही मन सूर्यदेव से कहा—
“प्रभु, परिस्थितियाँ कब बदलेंगी?”
सूर्य की पहली किरण चेहरे पर पड़ी तो उसे जैसे एक सीख मिली—
सूर्य प्रतिदिन बिना किसी अपेक्षा के अपना प्रकाश देता है। बादल उसे ढक सकते हैं, लेकिन उसका प्रकाश समाप्त नहीं कर सकते।
जीवन भी ऐसा ही है। दूसरों का व्यवहार हमारे हाथ में नहीं, लेकिन हमारा कर्म, हमारा धैर्य और कठिन समय में किसी के काम आने का हमारा निर्णय अवश्य हमारे हाथ में है।
और आज की छोटी-सी सीख—
“वफ़ादारी की पहचान कठिन समय में होती है।” ❤️
यदि किसी ने आवश्यकता के समय आपका साथ नहीं दिया, तो मन में कटुता लेकर स्वयं को मत बदलिए। बल्कि संकल्प लीजिए कि जब किसी और को आपकी आवश्यकता होगी, आप उसके लिए वह इंसान बनेंगे जिसकी कभी आपको स्वयं आवश्यकता थी।
इस रविवार की सुबह सूर्यदेव को प्रणाम करते हुए प्रार्थना कीजिए—
“हे सूर्यदेव! मेरे जीवन के अंधकार को सद्बुद्धि के प्रकाश से दूर कीजिए। मुझे स्वस्थ तन, सकारात्मक मन, सच्चे कर्म और ऐसा हृदय दीजिए जो किसी जरूरतमंद से मुँह न मोड़े।” ☀️🙏
पूरे विश्वास से बोलिए—
ॐ सूर्याय नमः। जय सूर्यदेव! ☀️
#जय सूर्यदेव सुप्रभात