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राजस्थान में लोकगीतों का एक अलग ही इतिहास रहा है और इस इतिहास की नींव हमेशा से रहा है "वीणा"। के.सी. मालू जी ने "वीणा" की शुरूआत करके संगीत जगत में राजस्थान का नाम एक ऊंचे स्तर तक पहुँचाया है। आज सिर्फ भारत में ही नही दुनिया भर में सब लोग "वीणा" के नाम से वाकिफ हैं ।बहुत ही मधुर आवाज के साथ इस गीत को गाया है "सीमा मिश्रा" ने और बहुत ही सुंदर तरीके से गीत को प्रस्तुत किया गया है। इस गीत के बोल लिखे हैं "निर्मल मिश्रा" ने। जज्बातों की बौछार बहुत ही सुंदर तरीके से गीत में की गई है ।गीत में दिखाया गया है कि पिया को पुकारती गौरी विरह में पिया का इंतजार कर रही है। https://www.youtube.com/watch?v=gJTacBVk3ro विवाह के बाद एक पत्नी का दु:ख -सुख सब उसके पति से जुड़ा होता है। अपने मन की हर छोटी-बड़ी बात वो अपने साजन को बताती है और जब विवाहित जीवन में विरह का प्रवेश हो जाता है तो मानो सजनी प्रेम को तरस जाती है। उसी विरह में तड़पती गौरी पिया को पुकार रही है और कह रही है कि साजन आ जाओ मेरे मन की बातें, मेरा हाल में यहाँ किस से कहुँ, किसे बताऊं की क्या हाल है मेरा। तुम बिना तो मानो ये दिन सदियों से बीत रहे हैं, रातें काटे नहीं कट रही है । बस बार बार मन एक ही गुजारिश करता है कि अब अगर ये सांसे चले तो पिया मेरे साथ रहे। https://www.youtube.com/watch?v=gJTacBVk3ro लोकगीतों का बड़ा सहयोग रहा है हमें हमारी संस्कृति और संस्कारों से जोड़े रखने में और "वीणा" ने एक बड़े पैमाने पर इसमें सहयोग किया है। आप लोगों का प्रेम "वीणा" के लिए युंही बना रहें Veena के गीत सुनते रहें और कम से कम 10-10 मित्रों और परिजनों के साथ शेयर करें| आपके Comment हमारा उत्साह बढ़ायेंगे | https://www.youtube.com/watch?v=gJTacBVk3ro
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राजस्थानी गाणे

राजस्थानी गाणे - ShareChat
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